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क्या पीएम मोदी का कनाडा दौरा व्यापार संबंधों को नई दिशा देगा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल के अंत में कनाडा की यात्रा कर सकते हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य मुक्त व्यापार समझौते (CEPA) को अंतिम रूप देना है। उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने इसकी पुष्टि की है। दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों को मजबूत करने के लिए बातचीत में तेजी आई है। पीएम मोदी की यह यात्रा 2015 के बाद पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। जानें इस यात्रा के संभावित प्रभाव और CEPA समझौते के महत्व के बारे में।
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क्या पीएम मोदी का कनाडा दौरा व्यापार संबंधों को नई दिशा देगा?

नई दिल्ली में पीएम मोदी की संभावित यात्रा


नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वर्ष के अंत में कनाडा की यात्रा कर सकते हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच चल रहे मुक्त व्यापार समझौते (CEPA) को अंतिम रूप देना है। भारत के उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने इस बात की पुष्टि की है। 


व्यापार समझौते पर बातचीत में तेजी

मार्च में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा के दौरान, दोनों नेताओं ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर बातचीत शुरू करने की घोषणा की थी। अब तक दो दौर की वार्ता संपन्न हो चुकी है और तीसरा दौर जल्द ही ओटावा में आयोजित होने वाला है। 


कनाडा के प्रधानमंत्री कार्नी ने व्यापार मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक में CEPA वार्ता को नवंबर के अंत तक समाप्त करने की इच्छा व्यक्त की है। यदि ऐसा होता है, तो पीएम मोदी की यात्रा के दौरान इस समझौते पर अंतिम मुहर लग सकती है।


पीएम मोदी की यात्रा की संभावित तारीखें

भारत के उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने बताया कि पीएम मोदी की यात्रा की तारीखें अभी तय नहीं हुई हैं, लेकिन यह इस साल के अंत या अगले साल की शुरुआत में हो सकती है। यह यात्रा 2015 के बाद पीएम मोदी की कनाडा की पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। 


जस्टिन ट्रूडो के 10 साल के कार्यकाल में मोदी कनाडा नहीं गए थे। पिछले साल जून में G7 शिखर सम्मेलन के लिए वे कनाडा गए थे, जहां उन्होंने मार्क कार्नी से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच संबंधों में नया अध्याय शुरू हुआ।


भारत-कनाडा संबंधों में नया मोड़

व्यापार मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में टोरंटो में कहा कि दोनों देश लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं और कानून के शासन को महत्व देते हैं। उन्होंने भारत-कनाडा संबंधों में “गंभीर राजनीतिक रीसेट” की बात की। उच्चायुक्त पटनायक ने गोयल की यात्रा को अत्यंत सफल बताया। 


उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच उच्च स्तर पर संपर्क बढ़ रहा है। इस साल के अंत तक कई कैबिनेट मंत्रियों के आने-जाने की उम्मीद है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को मजबूती मिलेगी।


CEPA समझौते से दोनों देशों को लाभ

CEPA समझौते के पूरा होने से व्यापार, निवेश और आर्थिक साझेदारी को नई गति मिलेगी। दोनों देश इस समझौते को जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पीएम मोदी की संभावित यात्रा न केवल व्यापार समझौते को अंतिम रूप देगी, बल्कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को भी मजबूत बनाएगी।