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क्या पीएम मोदी का झाड़ग्राम में झालमुड़ी खाना चुनावी नाटक है? ममता बनर्जी का तीखा जवाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का झाड़ग्राम में झालमुड़ी खाने का अनुभव चुनावी माहौल में चर्चा का विषय बन गया है। ममता बनर्जी ने इसे नाटक करार देते हुए आरोप लगाया कि यह सब पूर्व नियोजित था। उन्होंने बाहरी लोगों को रैलियों में लाने और ईवीएम पर निगरानी रखने की सलाह दी। जानें इस राजनीतिक विवाद के पीछे की पूरी कहानी और मोदी के चुनावी दौरे के अन्य पहलुओं के बारे में।
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क्या पीएम मोदी का झाड़ग्राम में झालमुड़ी खाना चुनावी नाटक है? ममता बनर्जी का तीखा जवाब

प्रधानमंत्री मोदी की रैलियों से बढ़ा राजनीतिक तापमान


पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल गरमाने के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कई रैलियों का आयोजन किया। इनमें से एक रैली के दौरान, झाड़ग्राम में उन्होंने एक स्थानीय दुकान पर जाकर प्रसिद्ध स्ट्रीट फूड 'झालमुड़ी' का आनंद लिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।


ममता बनर्जी की तीखी प्रतिक्रिया

इस घटना पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने प्रधानमंत्री के इस कदम को 'नाटक' करार देते हुए कहा कि यह सब पूर्व नियोजित था। बनर्जी ने आरोप लगाया कि दुकान में पहले से ही माइक्रोफोन और कैमरे लगाए गए थे, और सुरक्षा एजेंसियों की मौजूदगी में झालमुड़ी तैयार करवाई गई, ताकि इसे विशेष तरीके से प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय इस तरह के प्रतीकात्मक कदमों से जनता को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है।


बाहरी लोगों की भीड़ जुटाने का आरोप

ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की रैलियों में भीड़ जुटाने के लिए बाहरी लोगों को लाया जाता है, और इसके लिए ट्रेनों का इस्तेमाल किया जाता है। उनका कहना था कि सत्ताधारी दल के पास बूथ स्तर पर पर्याप्त कार्यकर्ता नहीं हैं, इसलिए वे प्रशासनिक एजेंसियों के माध्यम से दबाव बनाने की कोशिश करते हैं।


कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की सलाह

इसके साथ ही, उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को सतर्क रहने की सलाह दी। बनर्जी ने कहा कि आने वाले हफ्तों में चुनाव परिणाम को प्रभावित करने की कोशिशें हो सकती हैं, इसलिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर कड़ी निगरानी रखना आवश्यक है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों का उपयोग चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप के लिए किया जा सकता है, जिससे सभी को चौकस रहना चाहिए।


मोदी का झाड़ग्राम में अनुभव

दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झाड़ग्राम में झालमुड़ी खाने के अनुभव को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किया। उन्होंने इसे अपनी व्यस्त चुनावी दिनचर्या के बीच एक खास पल बताया। इसके अलावा, उन्होंने पुरुलिया, मेदिनीपुर और बांकुड़ा में आयोजित जनसभाओं में भी भाग लिया और राज्य में बदलाव का दावा करते हुए अपनी पार्टी की जीत पर विश्वास व्यक्त किया।