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क्या राहुल गांधी और पीएम मोदी के बीच हुई बातचीत ने सोशल मीडिया पर मचाई हलचल?

हाल ही में एक वीडियो में राहुल गांधी और पीएम मोदी की संसद में हुई अनौपचारिक मुलाकात ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। 11 अप्रैल को महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर श्रद्धांजलि देने के दौरान दोनों नेताओं के बीच हुई संक्षिप्त बातचीत ने लोगों का ध्यान खींचा। इस मुलाकात में अन्य नेता भी शामिल थे, लेकिन बातचीत का विषय स्पष्ट नहीं है। पीएम मोदी ने महात्मा फुले को श्रद्धांजलि देते हुए उनके जीवन के आदर्शों पर प्रकाश डाला। जानें इस मुलाकात के बारे में और क्या कुछ कहा गया।
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क्या राहुल गांधी और पीएम मोदी के बीच हुई बातचीत ने सोशल मीडिया पर मचाई हलचल?

संसद में राहुल गांधी और पीएम मोदी की अनौपचारिक मुलाकात


हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद भवन में आमने-सामने खड़े नजर आ रहे हैं। यह वीडियो 11 अप्रैल को महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के दौरान का है। इस संक्षिप्त बातचीत ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि दोनों नेताओं के बीच कुछ सेकंडों तक चर्चा होती है, जो संसद परिसर में हुई एक अनौपचारिक मुलाकात का हिस्सा है।


वीडियो में दिखे अन्य नेता


इस वीडियो में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, विपक्ष के नेता राहुल गांधी, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और पूर्व उपसभापति हरिवंश भी मौजूद हैं। पीएम मोदी सभी नेताओं से मिलते हैं और फिर राहुल गांधी के सामने रुककर उनसे बातचीत करते हैं। हालांकि, इस बातचीत में क्या चर्चा हुई, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह मुलाकात सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है.




महात्मा फुले को श्रद्धांजलि देते हुए पीएम मोदी का संदेश


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि फुले का जीवन समानता, न्याय और शिक्षा के आदर्शों के लिए समर्पित रहा। मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "महान समाज सुधारक महात्मा फुले के 200वीं जयंती वर्ष के समारोहों का आरंभ हो रहा है। उन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षा, ज्ञान और जन कल्याण को समर्पित कर दिया।" उन्होंने आगे कहा, "वे महिलाओं और हाशिए पर पड़े लोगों के अधिकारों की वकालत करने में अग्रणी थे। उनके विचार सामाजिक प्रगति की दिशा में सभी का मार्गदर्शन करते रहें।" पीएम मोदी ने यह भी कहा कि महात्मा फुले के प्रयासों से शिक्षा सशक्तीकरण का एक प्रभावी माध्यम बनी।