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क्या विजय ने कांग्रेस में शामिल होने का मौका खो दिया? जानें 2009 की कहानी

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों के बाद विजय की पार्टी ने प्रमुखता हासिल की है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि 2009 में विजय ने कांग्रेस में शामिल होने का मौका क्यों खो दिया? इस लेख में हम विजय की राजनीतिक यात्रा, राहुल गांधी की शर्तें और DMK के दबाव के बारे में जानेंगे। क्या विजय का कांग्रेस में शामिल होना उनकी राजनीतिक तस्वीर को बदल सकता था? जानें इस दिलचस्प कहानी के बारे में।
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क्या विजय ने कांग्रेस में शामिल होने का मौका खो दिया? जानें 2009 की कहानी

तमिलनाडु में विजय की पार्टी का उदय


चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों के बाद अभिनेता और राजनेता विजय की पार्टी, तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK), राज्य की प्रमुख पार्टी बनकर उभरी है। हालांकि, बहुमत से कुछ सीटें कम होने के कारण सरकार गठन में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। इस बीच, विजय की राजनीतिक यात्रा से जुड़ा एक पुराना किस्सा फिर से चर्चा का विषय बन गया है।


विजय का कांग्रेस में शामिल होने का इरादा

सूत्रों के अनुसार, 2009 में विजय कांग्रेस पार्टी में शामिल होना चाहते थे, लेकिन राहुल गांधी की एक शर्त के कारण यह संभव नहीं हो सका। कहा जा रहा है कि यदि उस समय विजय कांग्रेस में शामिल हो जाते, तो आज तमिलनाडु की राजनीतिक स्थिति कुछ और होती।


दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात

2009 में यूपीए-2 सरकार के गठन के समय, विजय अपने पिता एस.ए. चंद्रशेखर और कांग्रेस के तत्कालीन राष्ट्रीय सचिव गोपीनाथ पलनीयप्पन के साथ दिल्ली गए थे। उस समय विजय चुनावी टिकट की मांग नहीं कर रहे थे, बल्कि वे केवल अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सदस्य बनना चाहते थे।


राहुल गांधी की शर्त

राहुल गांधी उस समय NSUI और यूथ कांग्रेस को मजबूत करने में लगे थे। उन्होंने विजय को सलाह दी कि वे सीधे पार्टी में शामिल होने के बजाय पहले यूथ कांग्रेस का चुनाव लड़कर अपनी क्षमता साबित करें।


हालांकि, विजय को यह प्रस्ताव पसंद नहीं आया और उन्होंने चेन्नई लौटने का निर्णय लिया। उस समय उनकी उम्र लगभग 34 वर्ष थी और वे अपनी 50वीं फिल्म के करीब थे।


DMK का दबाव

राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा थी कि उस समय कांग्रेस की सहयोगी पार्टी DMK, विजय के कांग्रेस में शामिल होने के खिलाफ थी।


इस राजनीतिक खींचतान के कारण कांग्रेस ने एक बड़े फिल्म स्टार को अपने साथ जोड़ने का अवसर खो दिया। हालांकि, राहुल गांधी के करीबी सूत्रों का कहना है कि दोनों नेताओं के बीच बाद में भी संपर्क बना रहा।


कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने इस घटनाक्रम पर चुटकी लेते हुए कहा, “विजय के लिए यह अच्छा रहा कि वे 2009 में हमारे साथ नहीं जुड़े। अगर वे तब आते तो शायद आज पार्टी के भीतर कहीं खो गए होते।”


पुरानी तस्वीर का वायरल होना

कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने हाल ही में 2009 की एक पुरानी तस्वीर साझा की, जिसमें विजय, सांसद हिबी ईडन और गोपीनाथ पलनीयप्पन एक साथ नजर आ रहे हैं।


इस तस्वीर को साझा करते हुए उन्होंने उन लोगों को जवाब दिया जो कांग्रेस और विजय के संभावित गठबंधन पर सवाल उठा रहे थे। उन्होंने लिखा कि विजय और कांग्रेस का रिश्ता 12-13 साल पुराना है।


विजय के पिता का संदेश

तमिलनाडु में सरकार गठन की कोशिशों के बीच, विजय के पिता एस.ए. चंद्रशेखर ने कांग्रेस को एक स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा, "विजय के साथ गठबंधन करें, वह आपको वह सत्ता वापस दिलाएंगे जो आपने तमिलनाडु में खो दी है।"