क्या विलासराव देशमुख की विरासत को भुला पाएंगे भाजपा नेता? रितेश देशमुख का भावुक जवाब
राजनीति में बयानबाज़ी का नया दौर
नई दिल्ली: महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति में एक बार फिर बयानबाज़ी का तूफान उठ खड़ा हुआ है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्य भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख पर दिए गए बयान ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। इस पर अभिनेता रितेश देशमुख ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जनता के दिलों में अंकित नामों को कोई भी ताकत मिटा नहीं सकती।
लातूर रैली में चव्हाण का बयान
लातूर में एक चुनावी रैली के दौरान, रविंद्र चव्हाण ने भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़ और उत्साह का जिक्र करते हुए कहा कि इससे यह स्पष्ट है कि पार्टी क्षेत्र में जीत की ओर बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख की यादें अब लातूर में कोई महत्व नहीं रखतीं।
उन्होंने कहा, "सभी लोग हाथ उठाकर भारत माता की जय बोलें... सच में, आपके उत्साह को देखकर यह स्पष्ट हो जाता है कि विलासराव देशमुख की यादें इस शहर से पूरी तरह मिट जाएंगी, इसमें कोई संदेह नहीं है।"
रितेश देशमुख का भावुक उत्तर
इस बयान के बाद, अभिनेता रितेश देशमुख ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जनसेवा से जुड़ी विरासत को मिटाना किसी के लिए संभव नहीं है।
रितेश ने कहा, "मैं हाथ जोड़कर कहता हूं कि जनता के लिए जीने वालों के नाम उनके मन में अंकित हैं। जो लिखा है उसे मिटाया जा सकता है, लेकिन जो अंकित हो गया है उसे मिटाया नहीं जा सकता।"
कांग्रेस का भाजपा पर कड़ा हमला
चव्हाण के बयान पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा एक ऐसे नेता के योगदान को कमतर आंकने की कोशिश कर रही है, जिसने राज्य के विकास के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
कांग्रेस ने कहा कि ऐसे बयान सत्ता के अहंकार और विलासराव देशमुख की विरासत के प्रति अज्ञानता को दर्शाते हैं। पार्टी ने यह भी दावा किया कि लातूर से देशमुख की स्मृतियों को मिटाने की कोशिश करने वाले पहले भी आए हैं, लेकिन जनता ने उन्हें करारा जवाब दिया है।
लातूर के लोगों की चेतावनी
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि लातूर के लोग अपने "सक्षम और प्रतिभाशाली बेटे" के किसी भी अपमान को कभी स्वीकार नहीं करेंगे। पार्टी ने भाजपा नेताओं पर लातूर दौरे के दौरान गैरजिम्मेदाराना और अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जिन नेताओं को लातूर और विलासराव देशमुख के रिश्ते की गहराई का अंदाज़ा नहीं है, वे इस तरह के बयान कैसे दे सकते हैं।
अमित देशमुख का तीखा बयान
कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री अमित देशमुख ने भी भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण के बयान की आलोचना की। उन्होंने इसे "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और बेहद दुखद" बताया।
अमित ने कहा, "उनसे या भाजपा से ऐसी टिप्पणियों की उम्मीद नहीं थी। इन बयानों से लातूर के हर परिवार की भावनाएं आहत हुई हैं। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि विलासराव देशमुख ने लातूर के हर व्यक्ति के जीवन को छुआ है और उनकी यादें लोगों के दिलों में गहराई से अंकित हैं।
अमित ने भी रितेश की बात दोहराते हुए कहा, "सिर्फ इसलिए कि कोई बाहरी व्यक्ति आकर इस तरह की टिप्पणी करता है, इन यादों को मिटाया नहीं जा सकता।"
विलासराव देशमुख की राजनीतिक विरासत
विलासराव देशमुख महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में दो बार कार्यभार संभाला, पहली बार अक्टूबर 1999 से जनवरी 2003 तक और दूसरी बार नवंबर 2004 से दिसंबर 2008 तक। लातूर और मराठवाड़ा क्षेत्र में उनकी गहरी पकड़ और लोकप्रियता आज भी मानी जाती है।
