क्या शाहरुख खान का आईपीएल फैसला देश के खिलाफ है? संगीत सोम का विवादित बयान
राजनीति और खेल का टकराव
भारतीय जनता पार्टी के नेता संगीत सोम ने हाल ही में एक बयान देकर राजनीति और खेल के बीच विवाद को फिर से जन्म दिया है। इस बार चर्चा का विषय बने हैं बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान और बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान। पिछले साल दिसंबर में आईपीएल नीलामी में शाहरुख खान ने मुस्तफिजुर रहमान को अपनी टीम कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खरीदा था।
संगीत सोम का तीखा हमला
मेरठ में एक जनसभा के दौरान, संगीत सोम ने शाहरुख खान पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शाहरुख ने मुस्तफिजुर रहमान को लगभग नौ करोड़ रुपये में खरीदा और उन्हें 'गद्दार' करार दिया। सोम ने यह भी कहा कि शाहरुख को भारत में रहने का कोई अधिकार नहीं है।
देशहित के खिलाफ निर्णय
शाहरूख का फैसला देश हित के खिलाफ!
संगीत सोम ने यह भी कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा के बीच, आईपीएल जैसे बड़े मंच पर वहां के खिलाड़ियों को खरीदना देश के हितों के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मुस्तफिजुर रहमान आगामी आईपीएल सीजन में भारत आते हैं, तो उनके लिए स्थिति कठिन हो सकती है।
धार्मिक और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
धार्मिक और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
संगीत सोम के अलावा, आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर ने भी शाहरुख खान और केकेआर की आलोचना की। जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने भी इस फैसले पर कड़ी टिप्पणी की। शिवसेना (यूबीटी) के नेता आनंद दुबे ने कहा कि यदि शाहरुख खान मुस्तफिजुर को अपनी टीम से हटा देते हैं, तो उनका सम्मान किया जाएगा।
कांग्रेस का समर्थन
कांग्रेस का शाहरुख के समर्थन में बयान
इस विवाद के बीच, कांग्रेस के नेताओं ने शाहरुख खान का समर्थन किया। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि किसी कलाकार को 'गद्दार' कहना भारत की विविधता पर हमला है। उन्होंने नफरत की राजनीति को समाप्त करने की अपील की।
मुस्लिम संगठनों की प्रतिक्रिया
मुस्लिम संगठनों की प्रतिक्रिया
इस विवाद पर कई मुस्लिम संगठनों ने भी अपनी राय दी। इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि भारत में बिना सोचे-समझे विरोध करना एक आदत बनती जा रही है। वहीं, अखिल भारतीय मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि भारतीय मुसलमान भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों से चिंतित हैं।
