क्या है Cockroach Janta Party का असली एजेंडा? जानें विवाद की पूरी कहानी
नई दिल्ली में उठे विवाद के बाद CJP का मामला
नई दिल्ली: Cockroach Janta Party (CJP) अब एक बार फिर कानूनी और राजनीतिक विवादों के घेरे में आ गई है। सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ती इस पार्टी के विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश करने और वायरल करने में इस पार्टी और इसके सोशल मीडिया अकाउंट्स की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस मामले में कर्नाटक के बीजेपी नेता एस. विग्नेश शिशिर ने एक याचिका दायर की है, जिसमें इस पार्टी की पूरी जानकारी अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गई है।
कॉक्रोच जनता पार्टी के खिलाफ याचिका का कारण
बीजेपी नेता एस. विग्नेश शिशिर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में एक जनहित याचिका दायर की है। इस याचिका में पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ भी प्रत्यर्पण की मांग की गई है। याचिका में यह भी कहा गया है कि CJP और इसके डिजिटल प्लेटफॉर्म युवाओं को भड़काने और देश की संप्रभुता के खिलाफ माहौल बनाने का कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा, याचिका में यह भी दावा किया गया है कि इस पार्टी के कार्यों के पीछे अंतरराष्ट्रीय साजिश और देश विरोधी तत्वों का हाथ है। याचिका में सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स, पेज, चैनल और प्रोफाइल को स्थायी रूप से निलंबित करने या भारत सरकार द्वारा ब्लॉक करने की मांग की गई है।
क्या CJP वास्तव में राजनीतिक एजेंडा का हिस्सा है?
जिस प्रकार से सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश सूर्यकांत के बयानों को तोड़-मरोड़ कर वायरल किया गया है, उससे यह स्पष्ट होता है कि इस पार्टी का कोई बड़ा एजेंडा हो सकता है। CJP देश में एक ऐसा नैरेटिव स्थापित करना चाहती है, जिससे माहौल बिगड़ सके। सोशल मीडिया पर इसकी गतिविधियों से यह संदेह होता है कि इसके पीछे किसी बड़ी साजिश का हाथ है। इस मामले की गहराई से जांच की आवश्यकता है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इसके पीछे कौन है और इसका असली उद्देश्य क्या है।
