गिग वर्कर्स के लिए नई सामाजिक सुरक्षा योजना: पहचान पत्र और अन्य लाभ
गिग वर्कर्स के लिए राहत भरी खबर
नई दिल्ली - देशभर में गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। केंद्र सरकार ने इन श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा से संबंधित एक नया प्रस्ताव पेश किया है। नए नियमों के अनुसार, गिग वर्कर्स का आधार रजिस्ट्रेशन, डिजिटल आईकार्ड और सामाजिक सुरक्षा फंड की व्यवस्था की जाएगी। यह कदम असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले डिलीवरी पार्टनर्स, कैब ड्राइवरों, फ्रीलांसरों और ऐप-आधारित श्रमिकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने मंगलवार को सोशल सिक्योरिटी कोड (सेंट्रल) रूल्स, 2025 के तहत ड्राफ्ट नियमों का प्रकाशन किया है। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को स्वास्थ्य, बीमा और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करना है।
नए ड्राफ्ट नियमों की मुख्य बातें
– गिग वर्कर्स को स्वास्थ्य, जीवन और व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा जैसे लाभ प्राप्त करने के लिए किसी एक एग्रीगेटर के साथ कम से कम 90 दिन काम करना आवश्यक होगा। यदि कोई वर्कर एक से अधिक एग्रीगेटर के साथ कार्यरत है, तो पिछले वित्तीय वर्ष में कुल मिलाकर कम से कम 120 दिन काम करना अनिवार्य होगा।
– जिस दिन से वर्कर किसी एग्रीगेटर के माध्यम से कमाई शुरू करेगा, उसी दिन से उसे उस एग्रीगेटर से जोड़ा जाएगा, चाहे उसकी आय कितनी भी हो। जिस भी कैलेंडर दिन काम कर आय अर्जित की जाएगी, वह पात्रता के लिए गिनी जाएगी। यदि कोई वर्कर एक ही दिन में कई एग्रीगेटर्स के लिए काम करता है, तो उसे हर एग्रीगेटर के लिए अलग-अलग दिन माना जाएगा।
– 16 वर्ष से अधिक आयु के गिग वर्कर्स को आधार नंबर और आवश्यक दस्तावेजों के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। एग्रीगेटर्स को गिग वर्कर्स की जानकारी एक केंद्रीय पोर्टल पर साझा करनी होगी, जिससे यूनिक आईडी या यूनिवर्सल अकाउंट नंबर जारी किया जा सके।
– हर पात्र रजिस्टर्ड वर्कर को फोटो सहित डिजिटल या भौतिक पहचान पत्र प्रदान किया जाएगा, जिसे केंद्रीय पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकेगा।
– केंद्र सरकार एग्रीगेटर्स से योगदान एकत्र करने के लिए एक अधिकृत एजेंसी या अधिकारी नियुक्त करेगी। यह राशि गिग वर्कर्स के लिए बनाए गए अलग सामाजिक सुरक्षा फंड में जमा होगी।
– 60 वर्ष की आयु पूरी होने या न्यूनतम निर्धारित कार्य अवधि पूरी न करने की स्थिति में वर्कर सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ के लिए पात्र नहीं रहेगा।
इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार असंगठित श्रमिकों के लिए गठित राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड में गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए रोटेशन के आधार पर पांच सदस्यों को नामित करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रस्ताव देश के करोड़ों गिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है।
