गिलगित में पाकिस्तान के आर्मी चीफ के खिलाफ प्रदर्शन, तनाव बढ़ा
गिलगित में पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है, जिसमें धार्मिक नेता सेना की नीतियों को इस्लाम विरोधी करार दे रहे हैं। आसिम मुनीर के विवादास्पद बयान ने शिया और सुन्नी समुदाय के बीच तनाव बढ़ा दिया है। प्रदर्शनकारियों ने सेना को खुली चुनौती दी है, जिससे पाकिस्तान में असंतोष की भावना स्पष्ट हो रही है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित परिणाम।
| Mar 23, 2026, 20:25 IST
गिलगित में तनावपूर्ण माहौल
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के गिलगित क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। वहां की सड़कों पर उमड़ता जनसैलाब अपने ही देश के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे धार्मिक नेताओं ने सेना को खुली चुनौती दी है। दरअसल, एक विवादास्पद बयान ने पूरे देश में शिया और सुन्नी समुदाय के बीच तनाव पैदा कर दिया है। आसिम मुनीर ने रावलपिंडी में एक इफ्तार पार्टी के दौरान कहा था कि जो लोग ईरान से प्रेम करते हैं, उन्हें वहीं चले जाना चाहिए। इस बयान ने पाकिस्तान में हलचल मचा दी है। शिया समुदाय के लोग मुनीर को आड़े हाथों ले रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि पाकिस्तानी सेना अमेरिका के इशारे पर देश की सरकार को बदल देती है।
धर्मगुरुओं की चेतावनी
एक मौलाना ने ऊंचे स्वर में जनरल मुनीर को चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तानी सरकार और सेना इजरायल का समर्थन करती है, तो जनता ईरान के साथ खड़ी होगी। उन्होंने कहा कि अब यह देखना है कि किसे सीमा पार भेजा जाता है। अन्य वक्ताओं ने भी मुनीर पर तंज कसते हुए कहा कि वह लोगों को ईरान जाने की सलाह देते हैं, जबकि जनता का मानना है कि उनकी वफादारी इजरायल के प्रति है। मौलानाओं ने यह भी कहा कि मुनीर इस काबिल नहीं हैं कि उन्हें पाकिस्तान की जमीन पर दफन होने का मौका मिले।
शिया समुदाय का विरोध
ईरान के सुप्रीम लीडर अयतुल्ला अली खामिनई की मौत के बाद पाकिस्तान में शिया समुदाय ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन किया था। कराची में बड़ी संख्या में शिया लोग यूएस एंबेसी के बाहर इकट्ठा हुए थे, जहां कई जगहों पर हिंसा की घटनाएं भी हुईं। इस दौरान 20 लोगों की मौत की खबरें आई थीं। इसके बाद जनरल मुनीर ने चेतावनी दी थी कि दूसरे देशों की घटनाओं के आधार पर पाकिस्तान में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिया धर्मगुरुओं ने इस चेतावनी को गंभीरता से लिया और मुनीर के बयान को शिया समुदाय पर हिंसा का आरोप लगाने के रूप में देखा।
गिलगित में प्रदर्शन का महत्व
गिलगित में यह प्रदर्शन केवल एक जलसा नहीं है, बल्कि यह पाकिस्तानी सेना की पकड़ कमजोर होने का संकेत है। लोग अब खुलकर जनरल आसिम मुनीर के खिलाफ खड़े हो रहे हैं और उनकी नीतियों को इस्लाम विरोधी करार दे रहे हैं। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि गिलगित-बाल्टिस्तान में पाकिस्तान के प्रति असंतोष अब उस स्तर पर पहुंच गया है, जहां जनता सीधे सेना की आंखों में आंखें डालकर बात कर रही है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
Protest in Gilgit against Asim Munir’s misconduct toward Shia scholars:
— برهان الدین | Burhan uddin (@burhan_uddin_0) March 22, 2026
“Asim Munir, if you openly stand in support of Israel, then we will also openly stand in support of Iran.
Let’s see whether you send us to Iran or we send you to Israel.” pic.twitter.com/yHbU0CaaeT
