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चीन का भारत-पाकिस्तान युद्ध में मध्यस्थता का दावा, भारत ने किया खारिज

चीन ने हाल ही में दावा किया है कि उसने भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल हुए संघर्ष में मध्यस्थता की थी। इस दावे को भारत ने सिरे से खारिज कर दिया है, यह कहते हुए कि किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं थी। इस विवाद के पीछे की सच्चाई और चीन के दावे के संदर्भ में भारत की प्रतिक्रिया जानें।
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चीन का भारत-पाकिस्तान युद्ध में मध्यस्थता का दावा, भारत ने किया खारिज

चीन का विवादास्पद दावा

नई दिल्ली। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बाद, अब चीन ने यह दावा किया है कि उसने पिछले साल मई में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष में मध्यस्थता की थी। चीन का कहना है कि उसने दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जब हालात बिगड़ गए थे, तब चीन ने हस्तक्षेप कर तनाव को कम करने का प्रयास किया।


चीन के विदेश मंत्री का बयान

बीजिंग में मंगलवार को आयोजित एक कार्यक्रम में, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि चीन ने विश्व के कई संघर्षों को सुलझाने में मदद की है। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के दौरान भी मध्यस्थता का उल्लेख किया। चीन के विदेश मंत्रालय ने इस बयान को सोशल मीडिया पर साझा किया। उल्लेखनीय है कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने पिछले आठ महीनों में कम से कम 60 बार यह दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को रोका, लेकिन चीन ने पहली बार इसमें अपनी मध्यस्थता का दावा किया है।


भारत का स्पष्ट खंडन

भारत ने चीन के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। सरकार ने बुधवार को स्पष्ट किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष समाप्त कराने में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं थी। भारत ने पहले भी अमेरिका के इसी तरह के दावों को नकारा है और दोहराया है कि पाकिस्तान के अनुरोध पर ही भारत ने युद्धविराम किया था।


चीन की गलत जानकारी फैलाने की कोशिश

एक अमेरिकी रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया था कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद, चीन ने गलत जानकारी फैलाने का प्रयास किया। रिपोर्ट में कहा गया कि सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट्स के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से निर्मित झूठी तस्वीरें साझा की गईं, जिनका उद्देश्य भारत के फ्रांस से खरीदे गए राफेल लड़ाकू विमानों की छवि को नुकसान पहुंचाना और चीन के जे 35 विमान को बढ़ावा देना था।