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छत्तीसगढ़ सरकार का रमजान में मुस्लिम कर्मचारियों के लिए विशेष निर्णय: एक घंटा पहले कार्यालय छोड़ने की अनुमति

छत्तीसगढ़ सरकार ने रमजान के पवित्र महीने में रोजा रखने वाले मुस्लिम कर्मचारियों को एक घंटा पहले कार्यालय छोड़ने की अनुमति दी है। यह निर्णय सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालयों में लागू होगा, जिससे कर्मचारियों को अपने धार्मिक कर्तव्यों को निभाने में मदद मिलेगी। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है, और यह पहल अन्य राज्यों में भी देखी जा रही है। जानें इस फैसले के पीछे का उद्देश्य और इसके सामाजिक प्रभाव के बारे में।
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छत्तीसगढ़ सरकार का रमजान में मुस्लिम कर्मचारियों के लिए विशेष निर्णय: एक घंटा पहले कार्यालय छोड़ने की अनुमति

छत्तीसगढ़ सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय


रमजान के पवित्र महीने के दौरान रोजा रखने वाले मुस्लिम कर्मचारियों को सहूलियत देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालयों में कार्यरत मुस्लिम कर्मचारियों को रोजाना निर्धारित समय से एक घंटा पहले कार्यालय छोड़ने की अनुमति दी है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश पूरे रमजान महीने के लिए प्रभावी रहेगा। इस कदम का उद्देश्य रोजा रखने वाले कर्मचारियों को अपने धार्मिक कर्तव्यों और इबादत के लिए पर्याप्त समय प्रदान करना है।


आदेश में क्या उल्लेखित है?

सरकार के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह सुविधा सभी सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और अर्ध-सरकारी संस्थानों पर लागू होगी। कर्मचारी अपने नियमित कार्य समय से एक घंटा पहले कार्यालय छोड़ सकेंगे, जिससे वे इफ्तार की तैयारी और अन्य धार्मिक गतिविधियों में भाग ले सकें। यह व्यवस्था हर साल रमजान के दौरान लागू होती है, जिससे रोजा रखने वाले कर्मचारियों को कार्य और धार्मिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलती है।


सामाजिक संगठनों का समर्थन

भारतीय जनता पार्टी द्वारा शासित राज्य में इस निर्णय का विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने स्वागत किया है। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सलीम राज ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में सभी धर्मों और समुदायों की भावनाओं का सम्मान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सामाजिक समरसता और आपसी सम्मान को बढ़ावा देने वाला है। सलीम राज ने यह भी कहा कि यह पहल नरेंद्र मोदी के "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" के सिद्धांत को मजबूत करने का उदाहरण है।


दक्षिण भारत में समान पहल

छत्तीसगढ़ से पहले, दक्षिण भारत के अन्य राज्यों ने भी रमजान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को इसी तरह की सुविधाएं प्रदान की हैं। तेलंगाना सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को एक घंटा पहले कार्यालय छोड़ने की अनुमति दी है, ताकि वे इफ्तार और नमाज की तैयारियों में शामिल हो सकें। इसी तरह, आंध्र प्रदेश सरकार ने भी मुस्लिम कर्मचारियों के लिए कार्यालय समय में एक घंटे की छूट देने का आदेश जारी किया है। इन फैसलों का उद्देश्य कर्मचारियों को धार्मिक कर्तव्यों के पालन में सुविधा प्रदान करना है।


तेलंगाना सरकार की अतिरिक्त पहल

तेलंगाना में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सरकार ने अतिरिक्त कदम उठाते हुए दुकानों, होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुबह 5 बजे तक खुले रहने की अनुमति दी है। इससे सेहरी के समय लोगों को आवश्यक वस्तुएं और भोजन आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। व्यापारियों और होटल संचालकों को भी इस फैसले से राहत मिली है, क्योंकि रमजान के दौरान देर रात तक कारोबार बढ़ जाता है।


रमजान का महत्व

रमजान इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना माना जाता है, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोग सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोजा रखते हैं। इस दौरान वे संयम, अनुशासन और आध्यात्मिक साधना का पालन करते हैं। शाम को इफ्तार के साथ रोजा खोला जाता है, जबकि रात में मस्जिदों में विशेष तरावीह की नमाज अदा की जाती है। इस महीने का उद्देश्य आत्मशुद्धि, दान और समाज सेवा की भावना को बढ़ावा देना होता है।