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जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि

जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने क्षेत्र में हिंसा समाप्त करने की प्रतिबद्धता जताई और पीड़ित परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। भारत ने इस हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिससे आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस घटना की बरसी पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी पीड़ितों को याद किया।
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जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की श्रद्धांजलि

नई दिल्ली। जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के शिकार लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दुखद घटना को एक वर्ष पूरा हो गया है, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र में हिंसा और दुखों को समाप्त करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। सीएम ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि एक साल बीत जाने के बाद भी हम आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ एकजुट हैं। हम जम्मू और कश्मीर को दुखों और बेगुनाहों की मौतों से मुक्त करने के अपने इरादे पर अडिग हैं।


पीड़ित परिवारों के प्रति एकजुटता

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के प्रयास जारी रहेंगे कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। पीड़ित परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि हम उन परिवारों के साथ हमेशा खड़े रहेंगे, जिन्होंने एक साल पहले उस कायरतापूर्ण हमले में अपने प्रियजनों को खोया था। उन्होंने पीड़ितों को श्रद्धांजलि देते हुए अपनी बात समाप्त की और कहा कि आतंकी हमले के पीड़ितों की आत्मा को शांति मिले। जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी इस हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी और इस घटना की पहली बरसी पर उन्हें याद किया। उन्होंने कहा कि उन बेगुनाह आत्माओं को विनम्र श्रद्धांजलि, जिन्होंने 2025 में आज ही के दिन पहलगाम में हुए उस भयानक आतंकी हमले में अपनी जान गंवाई थी।


आतंकी हमले का प्रभाव

जम्मू और कश्मीर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक पहलगाम में हुए एक साल पहले के आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रखा था। इस हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने 26 नागरिकों की हत्या की थी। बताया गया है कि हमलावरों ने पीड़ितों को उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाया, जिसकी पूरे देश में निंदा हुई और लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। इसके जवाब में भारत ने सात मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। भारतीय सशस्त्र बलों ने लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों से जुड़े कई आतंकी लॉन्चपैड्स पर हमला किया, जिससे उनकी ऑपरेशनल क्षमताओं को काफी नुकसान पहुंचा।


भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव

इस ऑपरेशन के जवाब में पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें ड्रोन हमले और सीमा पार से गोलाबारी शामिल थी, जिसके कारण चार दिनों तक सैन्य तनाव बना रहा। भारतीय सेना ने सटीक हमलों के साथ जवाब दिया, जिसमें कथित तौर पर लाहौर और गुजरांवाला के पास के इलाकों में मौजूद प्रमुख रडार ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस तनाव के बाद दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) के बीच बातचीत हुई और दस मई को दोनों देश सीज़फ़ायर पर सहमत हो गए। इस घटना की बरसी की पूर्व संध्या पर भारतीय सेना ने भी इस ऑपरेशन को याद किया।