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जयशंकर और अयाज सादिक के बीच हाथ मिलाने की विवादास्पद मुलाकात

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पाकिस्तान के संसद के स्पीकर अयाज सादिक के बीच हुई हाथ मिलाने की मुलाकात ने कूटनीतिक हलचल पैदा कर दी है। यह मुलाकात ढाका में हुई, जहां दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया। यह घटना पिछले साल के तनावपूर्ण संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, खासकर जब भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से मना कर दिया था। इस लेख में हम इस मुलाकात के पीछे की कूटनीतिक पृष्ठभूमि और इसके संभावित प्रभावों पर चर्चा करेंगे।
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जयशंकर और अयाज सादिक के बीच हाथ मिलाने की विवादास्पद मुलाकात

दोनों देशों के नेताओं की पहली मुलाकात


पाकिस्तान के संसद के स्पीकर अयाज सादिक ने दावा किया है कि भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर खुद उनके पास आए थे और हाथ मिलाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने एक निजी टीवी चैनल पर कहा कि जयशंकर ने उन्हें नमस्ते कहा और मुस्कुराते हुए हाथ मिलाया। जब सादिक ने अपना परिचय देने की कोशिश की, तो जयशंकर ने कहा कि वे उन्हें पहचानते हैं।


महत्वपूर्ण कूटनीतिक मुलाकात

यह मुलाकात 31 दिसंबर को ढाका में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम विदाई कार्यक्रम में हुई। इस अवसर पर नेपाल, भूटान और मालदीव के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। यह पहली बार था जब भारत और पाकिस्तान के बड़े नेता मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद आमने-सामने आए और हाथ मिलाया।


क्रिकेट के मैदान पर तनाव

इस मुलाकात का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि पिछले साल सितंबर में एशिया कप के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से मना कर दिया था, जो दोनों देशों के बीच तनाव को दर्शाता है।


सिंधु जल संधि का स्थगन

पिछले साल अप्रैल में कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया था, जिसके चलते सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया गया था। पाकिस्तान ने इन आरोपों का खंडन किया था। इसके बाद मई में दोनों देशों के बीच चार दिन तक संघर्ष हुआ था, जिससे रिश्ते और भी खराब हो गए थे।


पूर्व पाकिस्तानी राजदूत की प्रतिक्रिया

पाकिस्तान के पूर्व अमेरिकी राजदूत सरदार मसूद खान ने इस मुलाकात को सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह असंभव था कि भारत के विदेश मंत्री बिना प्रधानमंत्री और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की अनुमति के पाकिस्तान के स्पीकर से हाथ मिलाएं।


आरोपों का सिलसिला

भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को नहीं रोकता, तब तक बातचीत का कोई अर्थ नहीं है। वहीं, पाकिस्तान ने भी भारत पर इसी तरह के आरोप लगाए हैं। दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह सिलसिला जारी है।