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जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री के बीच द्विपक्षीय वार्ता का महत्व

नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान, विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस बैठक में क्षेत्रीय स्थिरता और अमेरिकी दादागिरी के खिलाफ एकजुटता का आह्वान किया गया। अराघची ने कहा कि यह लड़ाई किसी अनजान चुनौती का सामना नहीं कर रही है, बल्कि सभी देशों को मिलकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। इस वार्ता का महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि भारत इस सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है, जो वैश्विक साझेदारों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है।
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जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री के बीच द्विपक्षीय वार्ता का महत्व

नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन


नई दिल्ली, BRICS शिखर सम्मेलन: विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच शुक्रवार को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अराघची से मुलाकात की, जो क्षेत्रीय स्थिरता और बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।


ईरान दूतावास की जानकारी

मोदी और अराघची के बीच उच्च-स्तरीय वार्ता ने दोनों देशों के बीच संबंधों में एक नया मोड़ लाया है। भारत में ईरान के दूतावास ने इस कूटनीतिक उपलब्धि को साझा किया, जिसमें बताया गया कि अराघची ने भारतीय प्रधानमंत्री से मुलाकात की।


अमेरिकी दादागिरी के खिलाफ एकजुटता का आह्वान

ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में, अराघची ने सभी देशों से अमेरिकी दादागिरी के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रथाओं को इतिहास के कूड़ेदान में फेंक देना चाहिए। उन्होंने ब्रिक्स देशों से सामूहिक रूप से और अधिक दृढ़ता से जवाब देने का आग्रह किया।


अराघची का बयान

ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि इस कमरे में मौजूद हर व्यक्ति के लिए अमेरिकी दादागिरी के खिलाफ उनका प्रतिरोध कोई अनजान लड़ाई नहीं है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हम मिलकर आगे बढ़ें और यह स्पष्ट करें कि ऐसी प्रथाओं का स्थान इतिहास के कूड़ेदान में है।


भारत की BRICS सम्मेलन की मेज़बानी

अराघची की टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब कई प्रमुख वैश्विक साझेदार नई दिल्ली में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए एकत्रित हुए हैं। नई दिल्ली 14 और 15 मई को होने वाली दो-दिवसीय मंत्री-स्तरीय बैठक की मेज़बानी कर रहा है, जो ब्रिक्स मंच के बढ़ते रणनीतिक महत्व को दर्शाता है।