जयशंकर ने पड़ोसी देशों के साथ संबंधों पर की चर्चा
भारत की पड़ोसी नीति पर विदेश मंत्री का बयान
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 2 जनवरी 2026 को भारत की पड़ोसी नीति पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि कभी-कभी पड़ोसी अच्छे नहीं होते, और दुर्भाग्यवश, हमारे पड़ोसी पाकिस्तान के संदर्भ में यह सच है। भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों में पिछले वर्ष जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद और वृद्धि हुई, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। यह हमला पाकिस्तान द्वारा समर्थित था। जयशंकर ने स्पष्ट किया कि बुरे पड़ोसियों के मामले में भारत को अपने नागरिकों की सुरक्षा का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि कोई पड़ोसी देश भारत में आतंकवाद फैलाने का प्रयास करता है, तो उसे नई दिल्ली से पानी साझा करने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
भारत की सहायता और सहयोग की भावना
जयशंकर ने आगे कहा कि अच्छे पड़ोसियों के मामले में भारत हमेशा सहयोग और सहायता के लिए तत्पर रहता है, चाहे वह कोविड-19 महामारी के दौरान खाद्य सहायता हो या श्रीलंका को वित्तीय संकट के समय 4 अरब अमेरिकी डॉलर की मदद। मद्रास IIT के छात्रों के साथ संवाद करते हुए उन्होंने कहा, 'दुनिया भर में लोग अपनी संस्कृति और परंपरा पर गर्व करते हैं। हमें भी ऐसा करने का कोई कारण नहीं दिखता। हमारे पास एक ऐसा अतीत है, जो बहुत कम देशों के पास है। लोकतांत्रिक राजनीतिक मॉडल अपनाने का हमारा निर्णय लोकतंत्र के विचार को एक वैश्विक राजनीतिक अवधारणा बना देता है।'
जल संधि और आतंकवाद पर विचार
जयशंकर ने सिंधु जल संधि के निलंबन पर भी बात की, यह कहते हुए कि लगातार दुश्मनी के बीच सद्भावना नहीं टिक सकती। उन्होंने बताया कि कई साल पहले जल बंटवारे की व्यवस्था पर सहमति बनी थी, लेकिन यदि आतंकवाद जारी रहता है, तो अच्छे पड़ोसी संबंध संभव नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जब तक आतंकवाद जारी रहेगा, तब तक अच्छे पड़ोसी संबंधों के लाभ भी नहीं मिलेंगे।
