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झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र: लोकतंत्र और संवाद की आवश्यकता पर जोर

झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार से शुरू हुआ, जिसमें स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने लोकतंत्र की आदर्श परंपराओं और संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सदन की प्राथमिकताओं और आगामी कार्य दिवसों की जानकारी साझा की। सत्र के पहले दिन कई दिवंगत विभूतियों को श्रद्धांजलि दी गई। जानें इस सत्र में क्या-क्या चर्चा होगी और सदन की कार्यवाही का क्या कार्यक्रम है।
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झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र: लोकतंत्र और संवाद की आवश्यकता पर जोर

झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुरू

झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार से आरंभ हुआ। पहले दिन, स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने सदन में लोकतंत्र की आदर्श परंपराओं, रचनात्मक संवाद और सहभागिता के महत्व पर जोर दिया।


उन्होंने कहा कि आम जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। लोकतंत्र तभी सफल होता है जब हम सभी अपने दायित्वों को समर्पण के साथ निभाएं। संवाद, सहमति और सहभागिता से ही सदन जनता की अपेक्षाओं का प्रतीक बनता है।


महतो ने यह भी कहा कि लोकतंत्र केवल बहुमत का शासन नहीं है, बल्कि अल्पमत का सम्मान भी आवश्यक है। सदन को स्वस्थ बहस, रचनात्मक आलोचना और विचार-विमर्श का मंच बनाना चाहिए। उन्होंने सत्र के कार्यक्रम की आधिकारिक जानकारी सदस्यों के साथ साझा की। यह सत्र 7 अगस्त तक चलेगा, जिसमें कुल पांच कार्य दिवस निर्धारित हैं।


4 अगस्त को वित्तीय वर्ष 2025-26 का पहला अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। 5 अगस्त को प्रश्नकाल के बाद इस बजट पर चर्चा होगी। 6 अगस्त को प्रश्नकाल और राजकीय विधेयकों पर विचार किया जाएगा। 7 अगस्त को प्रश्नकाल के बाद राजकीय विधेयक और गैर सरकारी संकल्पों पर चर्चा होगी।


सत्र के पहले दिन, कई विभूतियों, पूर्व सांसदों और विधायकों के निधन पर शोक प्रस्ताव लाया गया। सदन ने धनबाद के पूर्व सांसद चंद्रशेखर सिंह, कोडरमा के पूर्व सांसद तिलकधारी सिंह, और अन्य दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी। अहमदाबाद विमान हादसे और पहलगाम में आतंकी हमले में पर्यटकों के निधन पर भी शोक व्यक्त किया गया। सदन में दो मिनट का मौन रखकर सभी दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी गई।


सदन के नेता हेमंत सोरेन और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इन विभूतियों के योगदान पर चर्चा की। इसके बाद सदन की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने मानसून सत्र के लिए सभापतियों के नामों की घोषणा की, जिसमें स्टीफन मरांडी, सीपी सिंह, निरल पूर्ति, रामचंद्र सिंह और नीरा यादव शामिल हैं। कार्यमंत्रणा समिति की भी घोषणा की गई, जिसमें अध्यक्ष स्वयं स्पीकर होंगे।


मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राधाकृष्ण किशोर, बाबूलाल मरांडी, सरयू राय, निरल पूर्ति और अरूप चटर्जी को सदस्य बनाया गया है। विशेष आमंत्रित सदस्यों में दीपक बिरूआ, मथुरा महतो, सीपी सिंह, स्टीफन मरांडी, प्रदीप यादव, सुरेश पासवान, नवीन जायसवाल, जर्नादन पासवान, बसंत सोरेन, नीरा यादव, कल्पना सोरेन मुर्मू, निर्मल महतो और जयराम महतो शामिल हैं।