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ट्रंप का ईरान पर हमला: अमेरिका ने ईरान को कमजोर किया

अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर जारी हमलों के बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की कमजोर स्थिति का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि यह सैन्य कार्रवाई आवश्यक थी, क्योंकि ईरान पहले से हमले की योजना बना रहा था। ट्रंप ने ईरान को खतरनाक बताते हुए कहा कि पिछले 47 वर्षों से यह आतंकवाद फैलाने में संलग्न रहा है। जानें इस संघर्ष के पीछे की पूरी कहानी और ट्रंप के ताजा बयान।
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ट्रंप का ईरान पर हमला: अमेरिका ने ईरान को कमजोर किया

ईरान पर हमलों का ताजा अपडेट


ट्रंप का बयान: ईरान ने हमला करने की योजना बनाई थी


वॉशिंगटन से मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमले जारी हैं। इन हमलों के परिणामस्वरूप ईरान में सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के सदस्य शामिल हैं।


अमेरिका ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया है कि वह इस संघर्ष को लंबे समय तक जारी रखने के लिए तैयार है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान पर अमेरिकी हमलों का समर्थन करते हुए कहा कि इन कार्रवाइयों ने ईरान की मिसाइल क्षमताओं और एयर डिफेंस सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। उनके अनुसार, ईरान अब पहले से कहीं अधिक कमजोर हो चुका है।


सैन्य कार्रवाई की आवश्यकता

ट्रंप ने कहा कि यह सैन्य कार्रवाई आवश्यक थी, क्योंकि उन्हें खुफिया जानकारी मिली थी कि तेहरान पहले से ही हमले की योजना बना रहा था। उनका कहना है कि यदि अमेरिका ने पहले कदम नहीं उठाया होता, तो स्थिति परमाणु युद्ध की ओर बढ़ सकती थी। पश्चिम एशिया में तनाव अब पांचवें दिन में प्रवेश कर चुका है।


28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हवाई हमलों में अयातुल्ला खामेनेई सहित कई प्रमुख सैन्य अधिकारी मारे गए। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।


ईरान का आतंकवाद का इतिहास

व्हाइट हाउस में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ बैठक के दौरान, ट्रंप ने कहा कि बातचीत चल रही थी, लेकिन उन्हें लगा कि ईरान अचानक हमला कर सकता है। उन्होंने कहा, 'अगर हमने अभी जो किया, वह नहीं किया होता, तो वे पहले हमला कर देते।' ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान एक महीने के भीतर परमाणु हथियार बनाने की स्थिति में पहुंच सकता था।


उन्होंने ईरान की सरकार को 'खतरनाक और चरमपंथी विचारधारा वाला' बताया और कहा कि पिछले 47 वर्षों से यह आतंकवाद फैलाने में संलग्न रहा है। ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की भी आलोचना की, यह कहते हुए कि ओबामा ने ईरान के साथ 'सबसे खराब समझौता' किया था, जिसे उन्होंने अपने कार्यकाल में समाप्त कर दिया।