ट्रंप के अपाचे हेलीकॉप्टर बयान पर उठे सवाल, भारत ने खरीदे केवल 28
नई दिल्ली में ट्रंप का विवादास्पद बयान
नई दिल्ली: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में अपाचे हेलीकॉप्टरों के संबंध में एक बयान दिया है, जो अब विवाद का विषय बन गया है। ट्रंप ने कहा कि भारत ने अमेरिका से 68 अपाचे हेलीकॉप्टरों का ऑर्डर दिया था, लेकिन उनकी डिलीवरी में काफी समय लग रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस देरी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे व्यक्तिगत रूप से चिंता व्यक्त की थी। हालांकि, उपलब्ध आंकड़े इस दावे का समर्थन नहीं करते हैं।
अपाचे हेलीकॉप्टर डील की सच्चाई
सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, भारत ने केवल 28 अपाचे हेलीकॉप्टर खरीदे हैं, और इनकी डिलीवरी पूरी हो चुकी है। इस प्रकार, ट्रंप का 68 हेलीकॉप्टरों का दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है।
#FactCheck
— Rajat Pandit (@IamRajat_Pandit) January 7, 2026
India ordered 28 Apache attack helicopters, not 68!
--Rs 13,952 crore deal in Sept 2015 for 22 choppers for IAF (inducted in 2019-2020)
--Rs 5,691 crore deal in Feb 2020 for 6 choppers for Army (inducted in 2025) pic.twitter.com/401n4NLZ6F
भारत ने कितने अपाचे हेलीकॉप्टर खरीदे?
भारत ने सितंबर 2015 में अमेरिकी कंपनी से 22 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों का पहला सौदा किया था। इस डील की कीमत लगभग 13,952 करोड़ रुपये थी, और हेलीकॉप्टरों की डिलीवरी 2019 और 2020 के बीच की गई। इन्हें भारतीय वायुसेना की दो प्रमुख स्क्वाड्रन में शामिल किया गया।
भारतीय सेना के लिए अलग सौदा
फरवरी 2020 में भारतीय सेना के लिए 6 अपाचे हेलीकॉप्टरों का एक और सौदा हुआ, जिसकी कीमत लगभग 5,691 करोड़ रुपये थी। इस डील में देरी हुई, जिस पर दोनों देशों के बीच बातचीत भी हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी 2025 में व्हाइट हाउस यात्रा के दौरान इस मुद्दे को उठाया था।
ट्रंप के दावे पर उठे सवाल
इन दोनों सौदों को मिलाकर कुल हेलीकॉप्टरों की संख्या 28 ही बनती है, जो ट्रंप द्वारा बताए गए 68 के आंकड़े से काफी कम है। इस प्रकार, उनके बयान की सटीकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बढ़ा-चढ़ाकर किए गए दावे किसी भी नेता की विश्वसनीयता को कमजोर कर सकते हैं।
भारत सरकार ने किया खंडन
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने इस तरह का बयान दिया है। इससे पहले भी उन्होंने कई बार कहा है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच टैरिफ लगाने की चेतावनी देकर युद्धविराम करवाया था। भारत सरकार ने उनके इस दावे को कई बार गलत बताया है, लेकिन ट्रंप लगातार इसे दोहराते रहे हैं।
