ट्रंप डिरेंजमेंट सिंड्रोम: एक मजेदार विवाद
ट्रंप का अनोखा बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने हाल ही में ओवल ऑफिस में एक कार्यक्रम के दौरान 'ट्रंप डिरेंजमेंट सिंड्रोम' का जिक्र किया। उन्होंने इसे एक बीमारी बताते हुए कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है। इसके बाद, व्हाइट हाउस ने इस सिंड्रोम से प्रभावित लोगों के लिए उपचार की एक सूची साझा की, जिसमें ट्रंप पर विश्वास करना, राष्ट्रगान सुनना और अन्य उपाय शामिल थे।
इसके बाद, एक डॉक्टर के पर्चे की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की गई, जिसमें लिखा गया था कि इसे उन लोगों को भेजें जिन्हें इसकी आवश्यकता है। इस पर्चे में ट्रंप पर भरोसा रखने, राष्ट्रगान सुनने, झूठी खबरों से दूर रहने और घबराने से बचने की सलाह दी गई थी। यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गया और लोग इसे अपने मजाकिया अंदाज में साझा करने लगे।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
इस पोस्ट पर कई प्रतिक्रियाएं आईं। एक यूजर ने लिखा कि फालतू मीम्स बनाना बंद करें और काम पर ध्यान दें, क्योंकि पेट्रोल की कीमतें 5 डॉलर तक पहुंच गई हैं और घरेलू खर्च बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकार इस तरह के मजाक कर रही है, तब अमेरिकी जनता गंभीर समस्याओं का सामना कर रही है।
एक अन्य यूजर ने ट्रंप को एक चलते-फिरते कॉमेडी शो की तरह बताया, जबकि एक तीसरे व्यक्ति ने पूछा कि रोगी की जानकारी वाले अनुभाग में निदान क्यों होगा। एक चौथे यूजर ने कहा कि वे एपस्टीन की फाइलें देखना चाहते हैं, न कि ट्रंप का यह नुस्खा।
ट्रंप डिरेंजमेंट सिंड्रोम की परिभाषा
यह ध्यान देने योग्य है कि 'ट्रंप डिरेंजमेंट सिंड्रोम' कोई वास्तविक बीमारी नहीं है, बल्कि यह एक शब्द है जो ट्रंप के समर्थक मीडिया द्वारा गढ़ा गया है। दिलचस्प बात यह है कि 2025 में मिनेसोटा के रिपब्लिकन नेताओं ने इस सिंड्रोम को एक मानसिक बीमारी घोषित करने के लिए एक नया बिल पेश किया था, जो विवाद का विषय बना।
इस बिल में कहा गया था कि जब कोई व्यक्ति ट्रंप या उनकी नीतियों को देखकर अत्यधिक घबराने या संदेह करने लगे, तो वह इस सिंड्रोम का शिकार है। इसके लक्षणों में ट्रंप के प्रति अत्यधिक गुस्सा, उन्हें अपशब्द कहना और ट्रंप समर्थकों के खिलाफ आक्रामक व्यवहार शामिल थे।
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट
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— The White House (@WhiteHouse) May 11, 2026
