ठाकरे भाइयों का गठबंधन: मुंबई के लिए एक नई शुरुआत
संजय राउत का बयान
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय राउत ने कहा है कि बीएमसी चुनाव में उद्धव और राज ठाकरे का एक साथ आना मुंबई के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी बताया कि इस गठबंधन ने शहरवासियों में विश्वास जगाया है।
गठबंधन की घोषणा
इस बार, उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने मिलकर बीएमसी चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। पिछले रविवार को, दोनों पार्टियों ने अपना संयुक्त चुनाव घोषणापत्र 'वचन नामा' जारी किया, जिसमें ठाकरे भाइयों और शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की तस्वीरें प्रमुखता से दिखाई गईं।
चुनाव का उद्देश्य
संजय राउत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस चुनाव का उद्देश्य केवल ठाकरे भाइयों का एक होना नहीं है, बल्कि मुंबई जैसे महानगर की सुरक्षा और विकास को सुनिश्चित करना है।
मुंबई की स्थिति
उन्होंने बताया कि मुंबई सिर्फ महाराष्ट्र की राजधानी नहीं है, बल्कि यह देश की वित्तीय राजधानी भी है। पिछले कुछ वर्षों में शहर में कई बदलाव आए हैं, लेकिन शिवसेना की बीएमसी पर पकड़ आज भी मजबूत बनी हुई है।
शिवसेना की ताकत
राउत ने कहा कि पार्टी ने लगभग तीन दशकों से शहर में अपनी स्थिति बनाए रखी है और इस बार भी बीएमसी में अपनी ताकत दिखाएगी। हालांकि, शिवसेना को कभी भी बीएमसी में पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। अधिकांश समय, पार्टी बीजेपी के साथ गठबंधन में रही, जो 2014 में टूट गया।
चुनाव की विशेषताएँ
राउत ने कहा कि ये चुनाव सात साल बाद हो रहे हैं और पूरे महाराष्ट्र की जनसांख्यिकी बदल गई है। ऐसे में उद्धव और राज ठाकरे ने मिलकर मुंबई को बचाने का कार्य किया है।
लोगों का विश्वास
उन्होंने जोर देकर कहा कि शिवसेना हमेशा महाराष्ट्रवासियों की सुरक्षा और हित में रही है। जब भी मुंबई के मुद्दों पर चर्चा होती है, लोग पहले यही सोचते हैं कि शिवसेना उनकी रक्षा करेगी। राउत ने बताया कि ठाकरे भाइयों का एक साथ आना लोगों में विश्वास जगाने वाला कदम है।
घोषणापत्र की मुख्य बातें
इस बीच, ठाकरे भाइयों के संयुक्त घोषणापत्र में किफायती आवास, बुनियादी ढांचे में सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं, सार्वजनिक परिवहन और शिक्षा क्षेत्र में बेहतर सेवाओं का वादा किया गया है। महिलाओं के लिए 'स्वाभिमान निधि' योजना के तहत घरेलू कामकाजी महिलाओं और कोली समुदाय की महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपए देने का प्रस्ताव भी शामिल है।
घोषणापत्र का अनावरण
यह घोषणापत्र शिवसेना भवन में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पेश किया गया, जो राज ठाकरे के लगभग 20 साल बाद पार्टी मुख्यालय में लौटने का अवसर भी था। राज ठाकरे ने 2005 में शिवसेना छोड़ दी थी।
