डोनाल्ड ट्रंप का ब्रिटेन पर तंज: हमें आपकी मदद की जरूरत नहीं
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए ब्रिटेन की मदद की आवश्यकता से इनकार किया है, यह कहते हुए कि उन्हें ऐसे सहयोगियों की जरूरत नहीं है जो केवल जीत के बाद शामिल होते हैं। इस बयान ने ब्रिटेन और अमेरिका के बीच के रिश्तों में खटास को उजागर किया है, खासकर जब ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष ने पूरे क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण दिया है, जबकि ब्रिटेन में इस युद्ध के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
| Mar 8, 2026, 12:24 IST
ट्रंप का स्पष्ट संदेश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से स्पष्ट किया है कि उन्हें मिडिल ईस्ट में ईरान के खिलाफ चल रहे संघर्ष में यूनाइटेड किंगडम के एयरक्राफ्ट कैरियर की सहायता की आवश्यकता नहीं है।
ब्रिटेन की भूमिका पर सवाल
ट्रंप ने चुटकी लेते हुए कहा कि ब्रिटेन, जो कभी अमेरिका का सबसे बड़ा सहयोगी था, अब युद्ध में शामिल होने के लिए बहुत देर से सोच रहा है। उन्होंने लिखा, 'हमें उन लोगों की आवश्यकता नहीं है जो हमारी जीत के बाद युद्ध में शामिल हों, लेकिन हम इसे याद रखेंगे।'
ब्रिटेन-अमेरिका के रिश्तों में खटास
यह तनाव पिछले साल ट्रंप के पुनः राष्ट्रपति बनने के बाद से बढ़ता जा रहा है। हाल ही में, ट्रंप ने जर्मन चांसलर के साथ बैठक में भी कहा था कि वह ब्रिटेन से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की तुलना विंस्टन चर्चिल से करते हुए उन पर निशाना साधा। दोनों देशों के बीच डिएगो गार्सिया मिलिट्री बेस और चागोस आइलैंड्स को लेकर भी मतभेद हैं, जिन्हें ट्रंप ने बेवकूफी भरा निर्णय बताया है।
ब्रिटेन में विरोध प्रदर्शन
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष ने पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना दिया है। इस युद्ध में अब तक ईरान में 1,300 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, और अमेरिका ने भी अपने 6 सैनिकों की मौत की पुष्टि की है। ब्रिटेन में इस युद्ध को लेकर जनता में काफी गुस्सा है। लंदन में हजारों लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, और एक सर्वे के अनुसार, 56 प्रतिशत ब्रिटिश लोग मानते हैं कि अमेरिका को ब्रिटेन के मिलिट्री बेस का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी।
पीएम स्टारमर का स्पष्टीकरण
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर इस समय घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों मोर्चों पर दबाव में हैं। उन्होंने संसद में स्पष्ट किया कि ब्रिटेन सीधे तौर पर अमेरिकी और इजरायली हमलों में शामिल नहीं हो रहा है। हालांकि, ब्रिटेन ने अमेरिका को अपने कुछ मिलिट्री बेस का उपयोग करने की अनुमति दी है, जिसे उन्होंने बचाव के लिए उठाया गया कदम बताया है। उन्होंने फ्रांस और जर्मनी के साथ मिलकर एक बयान भी जारी किया है कि वे केवल अपने हितों की रक्षा के लिए कदम उठाएंगे।
पीएम कीर स्टारमर ने कहा, 'हम यूएस और इजरायली हमलों में शामिल नहीं हो रहे हैं। हम ब्रिटेन के राष्ट्रीय हित और ब्रिटिश लोगों की जान की रक्षा करेंगे।'
यूरोपीय देशों का संयुक्त बयान
यूरोपीय देशों ने एक संयुक्त बयान में कहा, 'हम अपने और इस क्षेत्र में अपने सहयोगियों के हितों की रक्षा के लिए कदम उठाएंगे... हम इस मामले पर यूएस और इस क्षेत्र में सहयोगियों के साथ मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं।'
ट्रंप का नया दृष्टिकोण
ट्रंप प्रशासन अब अपने पुराने यूरोपीय सहयोगियों के बजाय उन देशों की ओर झुक रहा है जो राजनीतिक रूप से उनके करीब हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक सम्मेलन में संकेत दिया कि जब आवश्यकता होती है, तो अक्सर पुराने साथी साथ नहीं देते। इस बीच, इजरायल और अमेरिका लगातार ईरान पर हमले कर रहे हैं, जिससे लेबनान, कुवैत और इराक जैसे देशों में तनाव और मौतें बढ़ रही हैं।
मार्को रुबियो ने कहा, 'ऐसे समय में जब हमने सीखा है कि, अक्सर, जब आपको किसी साथी की जरूरत होती है, तो वह शायद आपके लिए मौजूद न हो, ये ऐसे देश हैं जो हमारे लिए मौजूद रहे हैं।'
