डोनाल्ड ट्रंप को यूएस कोर्ट से बड़ा झटका, टैरिफ को किया गैरकानूनी

टैरिफ पर कोर्ट का फैसला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को टैरिफ के मामले में यूएस कोर्ट से एक महत्वपूर्ण झटका लगा है। कोर्ट ने ट्रंप द्वारा लगाए गए अधिकांश टैरिफ को गैरकानूनी घोषित कर दिया है। इस निर्णय को ट्रंप ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है और कहा है कि ये टैरिफ अभी भी लागू रहेंगे। उनका मानना है कि कोर्ट का यह फैसला अमेरिका की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाएगा।
पहले के निर्णय की पुष्टि
अमेरिकी संघीय सर्किट अपील न्यायालय ने अंतर्राष्ट्रीय व्यापार न्यायालय के पूर्व के निर्णय को बरकरार रखा है, जिसमें कहा गया था कि ट्रंप ने टैरिफ लगाने के लिए आपातकालीन कानून का गलत उपयोग किया। हालांकि, अपीलीय न्यायाधीशों ने मामले को निचली अदालत में वापस भेज दिया है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि यह टैरिफ सभी प्रभावित लोगों पर लागू होगा या केवल संबंधित पक्षों पर। संघीय सर्किट द्वारा शुक्रवार को 7-4 के बहुमत से दिए गए फैसले ने ट्रंप के टैरिफ के लागू होने पर संदेह बढ़ा दिया है।
टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं
अमेरिकी अपीलीय न्यायालय ने यह निर्णय सुनाया है कि डोनाल्ड ट्रंप को 1970 के दशक के अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (IEEPA) का हवाला देकर टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है। हालांकि, यह निर्णय 14 अक्टूबर तक प्रभावी नहीं होगा, जिससे ट्रंप प्रशासन को सर्वोच्च न्यायालय में इस फैसले को चुनौती देने का समय मिल जाएगा।
भारत पर प्रभाव
इस फैसले से ट्रंप के टैरिफ की अवधि पर अनिश्चितता उत्पन्न होती है। 2 अप्रैल को, जिसे ट्रंप ने मुक्ति दिवस कहा था, अमेरिका ने सभी देशों पर 10% का आधारभूत टैरिफ लगाया। जिन देशों के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा है, उन पर अतिरिक्त टैरिफ भी लगाए गए। यह स्पष्ट नहीं है कि अदालत के इस निर्णय का भारत जैसे देशों के साथ अमेरिका की व्यापार वार्ता पर क्या प्रभाव पड़ेगा। नई दिल्ली ट्रंप द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ से प्रभावित है, जिसमें रूसी ऊर्जा खरीद पर 25% का जुर्माना भी शामिल है।