तमिलनाडु चुनाव: डीएमके और अन्ना डीएमके के बीच सीधा मुकाबला
मुख्य मुकाबला
तमिलनाडु में चुनावी लड़ाई मुख्य रूप से डीएमके और अन्ना डीएमके गठबंधन के बीच है। डीएमके के नेता और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 12 से अधिक पार्टियों का एक सेकुलर प्रोग्रेसिव अलायंस तैयार किया है। उन्होंने अपनी सीटों की संख्या को थोड़ा कम किया है और अन्य पार्टियों के लिए स्थान बनाया है। इस अलायंस में विजयकांत की पत्नी प्रेमलता को भी शामिल किया गया है, जिनकी पार्टी डीएमडीके का एक मजबूत आधार है। इसके अलावा, कमल हसन की पार्टी भी इस गठबंधन का हिस्सा है। कांग्रेस, वीसीके, लेफ्ट, मुस्लिम लीग आदि भी उनके साथ हैं। दूसरी ओर, अन्ना डीएमके ने भाजपा और एएमएमके जैसी पार्टियों के साथ तालमेल किया है। इन दोनों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा। हालांकि, नतीजों को प्रभावित करने वाली पार्टी विजय और सीमान की होगी।
विजय और सीमान का प्रभाव
सीमान की पार्टी एनटीके ने पिछले चुनाव में भले ही कोई सीट नहीं जीती, लेकिन उसे छह प्रतिशत से अधिक वोट मिले थे। इसी तरह, जोसेफ विजय, जो तमिल सिनेमा के सुपरस्टार हैं, उनके प्रशंसकों का एक छोटा समूह भी उन्हें वोट देता है, जिससे वे चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं। चुनाव से पहले किए गए कई सर्वेक्षणों में विजय की पार्टी को 10 से 15 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है। यह वोट किसी भी पार्टी के समीकरण को बिगाड़ सकता है। पहले यह कहा जा रहा था कि ईसाई वोट और डीएमके का कुछ वोट भी विजय को मिल सकता है, जिससे डीएमके को नुकसान होने की आशंका जताई गई थी। लेकिन एक अन्य आकलन यह है कि यदि पिछले पांच वर्षों की सत्ता के खिलाफ कोई एंटी इन्कम्बेंसी होती है और उसका कुछ वोट विजय ले जाते हैं, तो डीएमके को जितना नुकसान होगा, उतना ही फायदा भी मिल सकता है।
