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तमिलनाडु में एआईएडीएमके में फूट: 30 विधायक टीवीके का समर्थन करेंगे

तमिलनाडु में एआईएडीएमके पार्टी में आंतरिक विवाद गहरा गया है, जिसमें 30 विधायक टीवीके का समर्थन करने के लिए तैयार हैं। मुख्यमंत्री विजय ने बागी विधायकों से मुलाकात की और आगामी फ्लोर टेस्ट के लिए रणनीति बनाई। जानें इस राजनीतिक संकट के पीछे की कहानी और क्या होगा आगे।
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तमिलनाडु में एआईएडीएमके में फूट: 30 विधायक टीवीके का समर्थन करेंगे

सीएम विजय का बागी विधायकों से मिलना


एआईएडीएमके में आंतरिक विवाद गहरा गया है। पार्टी के अधिकांश विधायक टीवीके के पक्ष में खड़े हो गए हैं। मुख्यमंत्री विजय ने बागी विधायकों से मुलाकात की और सीवी षणमुगम के कार्यालय में पहुंचे। इस दौरान एआईएडीएमके के विधायक एसपी वेलुमणि भी उपस्थित थे।


षणमुगम और वेलुमणि ने एआईएडीएमके के अन्य विधायकों के साथ मिलकर विजय की सरकार को समर्थन देने का ऐलान किया। उन्होंने पार्टी के नेता ईके पलानीस्वामी पर आरोप लगाया कि वे डीएमके के समर्थन से सरकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं।


एआईएडीएमके की स्थापना का उद्देश्य

षणमुगम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि एआईएडीएमके की स्थापना डीएमके का विरोध करने के लिए की गई थी। यदि हम ऊटङ से जुड़ते, तो पार्टी का अस्तित्व समाप्त हो जाता। सूत्रों के अनुसार, लगभग 30 विधायक बागी खेमे में शामिल हो गए हैं। एआईएडीएमके ने 164 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन केवल 47 सीटें जीत सकी।


कल का फ्लोर टेस्ट

तमिलनाडु विधानसभा में कल टीवीके सरकार का फ्लोर टेस्ट होगा। विजय को बहुमत साबित करने के लिए 118 विधायकों की आवश्यकता है। 234 सदस्यों की विधानसभा में टीवीके के पास 108 विधायक हैं।


टीवीके को कांग्रेस, लेफ्ट, आईयूएमएल और वीसीके के 13 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। यदि एआईएडीएमके के 30 विधायक टीवीके सरकार को समर्थन देते हैं, तो कुल विधायकों की संख्या 151 हो जाएगी।


टीवीके का समर्थन आवश्यक

उन्होंने कहा कि पार्टी को नई दिशा देने और अम्मा शासन को पुनर्स्थापित करने के लिए टीवीके का समर्थन आवश्यक है। हालांकि, एआईएडीएमके नेतृत्व ने इन आरोपों को अफवाह बताया है। पार्टी ने सोशल मीडिया पर कहा कि कुछ नेता खुद टीवीके सरकार में मंत्री पद की चाह रखते हैं। कार्यकर्ता अब भी पलानीस्वामी के साथ मजबूती से खड़े हैं।