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तमिलनाडु में विजय की नई सरकार का गठन, कांग्रेस को मिली मंत्री पद की जगह

तमिलनाडु में फिल्म अभिनेता विजय की नई सरकार का गठन हो गया है, जिसमें कांग्रेस को भी मंत्री पद मिला है। यह 1967 के बाद पहली बार है जब कांग्रेस राज्य सरकार का हिस्सा बनी है। शपथ ग्रहण समारोह में कुछ विवाद भी उत्पन्न हुए, जैसे कि राज्य गीत बजाने का क्रम। जानें इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में और अधिक जानकारी।
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तमिलनाडु में विजय की नई सरकार का गठन, कांग्रेस को मिली मंत्री पद की जगह

तमिलनाडु में मंत्रिमंडल का गठन

चेन्नई। तमिलनाडु में फिल्म अभिनेता विजय के नेतृत्व में नई सरकार का गठन हो चुका है। गुरुवार को 23 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इससे पहले विजय ने नौ मंत्रियों के साथ शपथ ग्रहण किया था, सभी मंत्री उनकी पार्टी टीवीके से थे। इस बार कांग्रेस के दो विधायकों को भी मंत्री बनाया गया है, जो 1967 के बाद पहली बार है जब कांग्रेस तमिलनाडु की सरकार का हिस्सा बनी है।


कांग्रेस के विधायकों की शपथ

कांग्रेस विधायक दल के नेता राजेश कुमार एस और पी विश्वनाथ ने मंत्री पद की शपथ ली। उल्लेखनीय है कि चार मई को आए चुनाव परिणामों में कांग्रेस के पांच विधायक विजयी हुए थे। शपथ ग्रहण के दौरान राजेश कुमार ने ‘कामराज अमर रहें’, ‘राजीव गांधी अमर रहें’ और ‘जननायक राहुल गांधी जिंदाबाद’ के नारे लगाए, लेकिन राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें टोका कि यह शपथ का हिस्सा नहीं है।


अन्य पार्टियों के मंत्री पद

कांग्रेस के अलावा, सरकार को समर्थन देने वाली दो अन्य छोटी पार्टियों, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और वीसीके से भी एक-एक मंत्री बनाए जाने की चर्चा थी। हालांकि, गुरुवार की सुबह तक इन दोनों पार्टियों के नाम राजभवन को नहीं भेजे गए। यह संभावना जताई जा रही है कि इन दो मंत्रियों की शपथ बाद में होगी। तमिलनाडु में कुल 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं, जबकि वर्तमान में मुख्यमंत्री सहित 33 मंत्री शपथ ले चुके हैं।


शपथ समारोह में विवाद

गुरुवार को मंत्रियों की शपथ के दौरान एक और विवाद तब उत्पन्न हुआ जब तमिल गीत बजाने का क्रम बदल दिया गया। समारोह में तमिलनाडु का राज्य गीत ‘तमिल थाई वाझ्थु’ सबसे अंत में बजाया गया, जबकि पूर्व की सरकारों में इसे पहले बजाया जाता था। शपथ समारोह की शुरुआत में पहले राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ और फिर राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ बजाया गया। इस क्रम को लेकर विपक्ष और सहयोगी दलों ने नाराजगी जताई थी।