तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: भाजपा का घोषणापत्र और प्रमुख वादे
भाजपा का घोषणापत्र जारी
तमिलनाडु चुनाव: भारतीय जनता पार्टी ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र प्रस्तुत किया है। इसमें महिलाओं, किसानों और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। भाजपा इस बार AIADMK के साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरी है, जिससे दक्षिण भारत में अपनी स्थिति को मजबूत करने का प्रयास कर रही है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने घोषणापत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण वादों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यदि गठबंधन सत्ता में आता है, तो हर घर की महिला मुखिया को हर महीने 2000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, हर परिवार को एक बार में 10,000 रुपये देने का भी वादा किया गया है।
महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं
भाजपा ने महिलाओं को आकर्षित करने के लिए कई योजनाओं की घोषणा की है। इसमें हर साल मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने के साथ-साथ महिला स्वयं सहायता समूहों और छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने का भी वादा किया गया है। पार्टी ने यह भी कहा है कि महिलाओं के नेतृत्व वाले समूहों और MSMEs को 50 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा। इसके अलावा, महिलाओं को ई-स्कूटर खरीदने के लिए 25,000 रुपये की सहायता भी प्रदान की जाएगी।
सुरक्षा पर जोर
घोषणापत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर भी कई महत्वपूर्ण वादे किए गए हैं। जीरो FIR लागू करने, गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और गंभीर अपराधों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का वादा किया गया है। इसके अलावा, बसों, स्कूलों और विश्वविद्यालयों में CCTV कैमरे लगाने की योजना भी शामिल है, ताकि निगरानी को मजबूत किया जा सके। निर्भया फंड के प्रभावी उपयोग की बात भी की गई है।
किसानों के लिए लाभकारी योजनाएं
किसानों के लिए भाजपा ने महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत मिलने वाले 6000 रुपये के अतिरिक्त 3000 रुपये और देने का वादा किया गया है, जिससे किसानों को सालाना कुल 9000 रुपये मिलेंगे।
चुनावी माहौल में गर्मी
तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक चरण में मतदान होना है। भाजपा ने अपने घोषणापत्र के माध्यम से अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। इस बीच, नरेंद्र मोदी ने भी कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत से राज्य में नया माहौल बना है और अब जनता बदलाव के मूड में है। इस घोषणापत्र के बाद तमिलनाडु की राजनीति में मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। अब देखना होगा कि जनता इन वादों पर कितना विश्वास करती है।
