तमिलनाडु विधानसभा चुनाव: एनडीए ने सीट बंटवारे पर बनाई सहमति, एआईएडीएमके का नेतृत्व
एनडीए का सीट बंटवारा तय
तमिलनाडु में 234 सदस्यीय विधानसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने सोमवार को सीटों के बंटवारे पर सहमति बना ली है। यह समझौता प्रमुख सहयोगी अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के नेतृत्व में अंतिम रूप दिया गया।
बैठक में शामिल नेता
इस समझौते के दौरान एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी और भाजपा के केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल उपस्थित रहे। चेन्नई में एआईएडीएमके के मुख्यालय में आयोजित इस बैठक में अन्य प्रमुख नेताओं ने भी भाग लिया। भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष नैनार नागेंथ्रान, पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के प्रमुख अंबुमणि रामदास और अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) के महासचिव टीटीवी दिनाकरन भी इस अवसर पर मौजूद थे। यह बैठक गठबंधन की चुनावी रणनीति के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सीटों का बंटवारा
इस बंटवारे के तहत भाजपा को 27 सीटें दी गई हैं, जो पिछले 2021 विधानसभा चुनाव की तुलना में सात अधिक हैं। पीएमके को 18 सीटें और एएमएमके को 11 सीटों पर चुनाव लड़ने का अवसर मिला है। एआईएडीएमके ने सबसे अधिक सीटें अपने पास रखी हैं, जिससे उसकी चुनावी भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहेगी।
2021 चुनाव का संदर्भ
2021 के चुनाव में एआईएडीएमके ने 179 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से उसे 66 सीटों पर जीत मिली थी। पार्टी का मानना है कि वह राज्य में अपने दम पर बहुमत हासिल करने की क्षमता रखती है, इसलिए उसने सीटों के बंटवारे में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखने पर जोर दिया है।
एआईएडीएमके का लक्ष्य
सूत्रों के अनुसार, एआईएडीएमके का उद्देश्य इस बार बेहतर प्रदर्शन कर सत्ता में वापसी करना है। इसी रणनीति के तहत पार्टी ने सहयोगियों को संतुलित तरीके से सीटें देते हुए खुद को चुनावी मुकाबले में मजबूत स्थिति में बनाए रखने की कोशिश की है। इस समझौते के बाद तमिलनाडु की चुनावी राजनीति में हलचल तेज हो गई है और आगामी दिनों में चुनावी प्रचार और भी तेज होने की संभावना है।
