तुर्की में भारतीय ड्रग माफिया के सरगना की गिरफ्तारी, वैश्विक तस्करी पर बड़ा प्रहार
तुर्की में भारतीय ड्रग माफिया के प्रमुख सलीम डोला की गिरफ्तारी ने वैश्विक ड्रग तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। डोला का नेटवर्क कई देशों में फैला हुआ है और उसकी गिरफ्तारी से जांचकर्ताओं को महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, उसे भारत वापस लाना कानूनी रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इस मामले में डोला के अंडरवर्ल्ड से संबंधों की गंभीरता भी सामने आई है, जो संगठित अपराध और नशीले पदार्थों की तस्करी के बीच एक गहरे गठजोड़ को दर्शाती है।
| Apr 25, 2026, 16:09 IST
भारतीय ड्रग माफिया के सरगना की गिरफ्तारी
एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई में, तुर्की के अधिकारियों ने इस्तांबुल में भारतीय ड्रग माफिया के प्रमुख सलीम डोला को गिरफ्तार किया है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने इस घटना की पुष्टि की है और इसे वैश्विक ड्रग तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना है। डोला को एक अंतरराष्ट्रीय नशीले पदार्थों के नेटवर्क का महत्वपूर्ण सदस्य माना जा रहा है, जो कई देशों में फैला हुआ है। सूत्रों के अनुसार, डोला कई वर्षों से एक बड़े ड्रग सिंडिकेट का संचालन कर रहा था और वह अपने ऑपरेशन्स को विदेश से ही नियंत्रित करता था। कहा जा रहा है कि उसका नेटवर्क वैश्विक सिंथेटिक ड्रग्स के व्यापार से जुड़ा हुआ है, जिसकी सप्लाई चेन भारत सहित कई क्षेत्रों में फैली हुई है।
भारत में ड्रग सप्लाई का प्रबंधन
जांचकर्ताओं का मानना है कि डोला, जो देश से बाहर रह रहा था, भारत में ड्रग्स की सप्लाई के लिए एक बड़े चैनल का प्रबंधन कर रहा था।
अंडरवर्ल्ड से संबंधों की गंभीरता
अंडरवर्ल्ड से संबंधों को लेकर गंभीर चिंताएँ
इस मामले का एक गंभीर पहलू डोला का दाऊद इब्राहिम से जुड़े अंडरवर्ल्ड नेटवर्क के साथ संभावित संबंध है। अधिकारियों का कहना है कि ये संबंध संगठित अपराध और अंतरराष्ट्रीय नशीले पदार्थों की तस्करी के बीच एक गहरे गठजोड़ की ओर इशारा कर सकते हैं, जिस पर एजेंसियाँ पिछले कई वर्षों से नज़र रख रही हैं।
मुंबई से दुबई तक का नेटवर्क
मुंबई से दुबई तक का ऑपरेशन
डोला की गतिविधियाँ मूल रूप से मुंबई में थीं, लेकिन बाद में उसने दुबई में अपना ठिकाना बना लिया और वहीं से अपने ऑपरेशन्स को संचालित करता रहा। पिछले कुछ महीनों में, भारतीय एजेंसियों ने उसके नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी थी। 2025 में, मुंबई पुलिस ने इस कार्रवाई के तहत उसके कई करीबी सहयोगियों को गिरफ्तार किया और उसके परिवार के कुछ सदस्यों को भी हिरासत में लिया।
रेड कॉर्नर नोटिस और कानूनी चुनौतियाँ
रेड कॉर्नर नोटिस और इनाम जारी
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने पहले डोला के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था और उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर इनाम की घोषणा की थी। अब उम्मीद की जा रही है कि उसकी गिरफ्तारी से जांचकर्ताओं को इस बड़े नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त होंगी। हालांकि, डोला को भारत वापस लाना आसान नहीं होगा, क्योंकि अधिकारियों का कहना है कि तुर्की से उसका प्रत्यर्पण कानूनी रूप से जटिल हो सकता है।
