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तेज प्रताप यादव का बागेश्वर बाबा से वीडियो कॉल पर राजनीतिक आशीर्वाद मांगना

तेज प्रताप यादव का एक नया वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें वह बागेश्वर बाबा से वीडियो कॉल पर अपनी राजनीतिक स्थिति सुधारने के लिए आशीर्वाद मांगते हैं। इस बातचीत ने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है। तेज प्रताप की यह मांग और बाबा का आश्वासन, दोनों ने मिलकर एक नई राजनीतिक बहस को जन्म दिया है। इसके अलावा, तेज प्रताप की प्रशांत किशोर के साथ हालिया मुलाकात भी चर्चा का विषय बनी हुई है। जानिए इस दिलचस्प घटनाक्रम के पीछे की कहानी।
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तेज प्रताप यादव का बागेश्वर बाबा से वीडियो कॉल पर राजनीतिक आशीर्वाद मांगना

तेज प्रताप यादव का नया वीडियो वायरल

पटना: बिहार के पूर्व मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव हमेशा अपने अनोखे अंदाज के लिए चर्चा में रहते हैं। हाल ही में उनका एक दिलचस्प वीडियो सामने आया है, जिसने बिहार की राजनीतिक हलचल को बढ़ा दिया है। इस वायरल वीडियो में, तेज प्रताप मशहूर कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, जिन्हें बागेश्वर बाबा के नाम से जाना जाता है, के साथ वीडियो कॉल पर बातचीत करते हुए नजर आ रहे हैं।


‘मेरा राजनीतिक देख लीजिएगा महाराज…’


इस वीडियो में तेज प्रताप यादव बागेश्वर बाबा से अपनी राजनीतिक स्थिति को सुधारने के लिए आशीर्वाद मांगते हैं। वह मुस्कुराते हुए कहते हैं, ‘मेरा राजनीतिक देख लीजिएगा महाराज, राजनीति।’ इस बयान ने सभी को चौंका दिया है, क्योंकि यह सवाल उठता है कि तेज प्रताप को अपने राजनीतिक भविष्य के लिए बाबा की शरण में क्यों जाना पड़ा।


बाबा बागेश्वर ने दी चर्चा का आश्वासन


तेज प्रताप के इस निवेदन पर बागेश्वर बाबा ने भी मुस्कुराते हुए जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जब वे दोनों एक साथ बैठेंगे, तब इस विषय पर विस्तार से चर्चा करेंगे। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, ‘बिल्कुल पक्का, हम और आप बैठेंगे जब आपके यहां आएंगे।’ इस आत्मीय बातचीत ने बिहार में नई राजनीतिक बहस को जन्म दिया है।


प्रशांत किशोर से भी हुई थी महत्वपूर्ण मुलाकात


तेज प्रताप यादव की बागेश्वर बाबा से यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब उन्होंने हाल ही में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से भी मुलाकात की थी। तेज प्रताप ने इस मुलाकात का वीडियो साझा करते हुए इसे राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया था। उन्होंने कहा कि इस चर्चा में जनहित और भविष्य की राजनीति पर गहन विचार-विमर्श हुआ। यह संकेत देता है कि तेज प्रताप यादव अपने राजनीतिक करियर को लेकर गंभीरता से सोच रहे हैं।