तेजस्वी यादव ने महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद का दावा किया, राहुल और अखिलेश का समर्थन

तेजस्वी यादव का बड़ा ऐलान
आरजेडी के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की। यह महत्वपूर्ण घोषणा उन्होंने आरा में आयोजित एक विशाल रैली के दौरान की, जिसमें कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी उपस्थित थे।
नीतीश कुमार पर तेजस्वी का हमला
रैली में बोलते हुए, तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला किया। उन्होंने नीतीश को नकलची मुख्यमंत्री बताते हुए आरोप लगाया कि उनकी सरकार केवल उनकी नीतियों और घोषणाओं की नकल कर रही है। तेजस्वी ने भीड़ से पूछा कि क्या बिहार को असली मुख्यमंत्री चाहिए या डुप्लीकेट, जिसके जवाब में भीड़ ने जोरदार समर्थन दिया।
राहुल गांधी और अखिलेश यादव की उपस्थिति
तेजस्वी की यह घोषणा उस समय आई जब राहुल गांधी की 'मतदाता अधिकार यात्रा' रविवार को समाप्त हुई। मंच पर राहुल गांधी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने तेजस्वी की घोषणा पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। अखिलेश यादव भी मंच पर थे, जिससे यह संकेत मिला कि आरजेडी बिहार में अपनी स्थिति को कांग्रेस से ऊपर साबित करने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस की चुप्पी
तेजस्वी की घोषणा के बाद कांग्रेस की ओर से कोई औपचारिक समर्थन नहीं आया। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की यह हिचकिचाहट सीट बंटवारे की राजनीति से जुड़ी है। 2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन केवल 19 सीटों पर जीत हासिल की थी। इस कमजोर प्रदर्शन ने महागठबंधन की कुल संख्या को प्रभावित किया।
बिहार में आरजेडी की स्थिति
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में राजद 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि कांग्रेस का प्रदर्शन कमजोर रहा था। इस कारण से सीट बंटवारे को लेकर दोनों दलों में मतभेद की संभावना है। तेजस्वी का यह कदम कांग्रेस पर दबाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है ताकि गठबंधन में मुख्यमंत्री पद पर कोई अस्पष्टता न रहे।
राजनीतिक संदेश
तेजस्वी यादव ने यह ऐलान कर स्पष्ट संकेत दिया है कि बिहार में महागठबंधन की कमान आरजेडी के हाथों में है। भले ही कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पार्टी हो, लेकिन प्रदेश की राजनीति में आरजेडी अपनी दावेदारी और नेतृत्व की भूमिका स्थापित करना चाहती है। तेजस्वी की यह घोषणा आगामी विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन की रणनीति और अंदरूनी समीकरणों को नया मोड़ दे सकती है।