तेजस्वी यादव ने महिला आरक्षण बिल पर सरकार को घेरा
महिला आरक्षण बिल पर तेजस्वी यादव की प्रतिक्रिया
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को महिला आरक्षण बिल को लेकर सत्ताधारी पार्टी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि यह बिल तब पेश किया गया जब पांच राज्यों में चुनाव चल रहे थे, और इसे जल्दबाजी में लाया गया। सरकार का असली उद्देश्य सीटों का परिसीमन करना था।
मीडिया से बातचीत में तेजस्वी ने कहा कि सत्ता पक्ष महिलाओं के नाम पर अपने छिपे हुए एजेंडे को लागू करना चाहता था। उनका मानना है कि यह बिल गिरना तय था। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को अच्छी तरह से पता था कि उनके पास दो-तिहाई बहुमत नहीं है, इसलिए यह बिल पास नहीं हो सकेगा। उनकी मंशा कभी भी इसे पास कराने की नहीं थी, बल्कि वे चाहते थे कि यह बिल गिर जाए।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर ऐसी स्थिति बनाई ताकि विपक्ष को दोषी ठहराया जा सके। उन्होंने कहा कि ये लोग महिलाओं का अपमान करते हैं।
उन्होंने सत्ताधारी पार्टी पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग महिलाओं के सम्मान को नहीं समझते। इनकी प्राथमिकता केवल अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करना है।
तेजस्वी ने कहा कि सरकार का असली इरादा सीटों का परिसीमन करना था, लेकिन यह योजना पूरी तरह से विफल हो गई। परिसीमन के बाद इनका अगला कदम संविधान में बदलाव करने का है, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा नीतीश कुमार के कार्यों की प्रशंसा करने पर तेजस्वी ने सवाल उठाया कि उन्हें ऐसा कहने की आवश्यकता क्यों पड़ी।
उन्होंने सवाल किया कि मुख्यमंत्री को काम करके दिखाना चाहिए, न कि केवल बोलने से। क्या शराबबंदी जैसे मुद्दों पर कोई कैबिनेट निर्णय लिया गया है?
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