दक्षिण-पश्चिम मानसून की समय से पहले दस्तक की उम्मीद
भीषण गर्मी से राहत की आस
नई दिल्ली: वर्तमान में देश के कई हिस्से अत्यधिक गर्मी का सामना कर रहे हैं। उत्तर से लेकर मध्य और पूर्वी भारत में तापमान 43-44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे लोग पसीने से तर-बतर हो रहे हैं और राहत की तलाश कर रहे हैं। इसी बीच, यूरोपीय मध्यम-श्रेणी मौसम पूर्वानुमान केंद्र (ECMWF) ने एक सकारात्मक संकेत दिया है। उनके नए मॉडल के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार समय से पहले आ सकता है। यदि सब कुछ अनुकूल रहा, तो मई के अंत में दक्षिण भारत में बारिश शुरू हो सकती है, जो लाखों लोगों के लिए राहत का कारण बनेगी।
मानसून की पहली दस्तक
मानसून सबसे पहले कहां पहुंचेगा?
ECMWF के उप-मौसमी चार्ट के अनुसार, मानसून 18 से 25 मई के बीच अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तक पहुंच सकता है। इस दौरान, दक्षिण बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के दक्षिणी हिस्से में तेज दक्षिण-पश्चिमी हवाएं चलने की संभावना है। इन हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है, जिससे द्वीपों में सामान्य से 30 से 60 मिलीमीटर अधिक वर्षा होने का अनुमान है। इसके अलावा, उष्णकटिबंधीय प्रणाली बनने की भी संभावना है, जो मानसून की शुरुआत को और मजबूत कर सकती है।
केरल और तमिलनाडु में बारिश का समय
केरल और तमिलनाडु में कब बरसेगी बारिश?
25 मई से 1 जून के बीच मानसून की लहर पश्चिम और उत्तर की ओर बढ़ने की उम्मीद है। दक्षिण-पूर्वी अरब सागर पर तेज पश्चिमी हवाएं चलेंगी, जो नमी को सीधे केरल और तमिलनाडु के दक्षिणी जिलों की ओर ले जाएंगी। मॉडल में केरल तट के आसपास बारिश के बादलों में बढ़ोतरी दिखाई दे रही है, जिससे इन क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है। इससे गर्मी में कमी आएगी और कृषि कार्यों की तैयारी समय पर शुरू हो सकेगी।
मानसून के समय को प्रभावित करने वाले कारक
कौन-कौन से कारक तय करेंगे मानसून का समय?
मौसम विशेषज्ञ देवेंद्र त्रिपाठी के अनुसार, मानसून के समय को कई कारक प्रभावित करते हैं। इस वर्ष अल नीनो का प्रभाव नहीं रहेगा। हिंद महासागर द्विध्रुव (IOD) की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। यदि पश्चिमी हिंद महासागर पूर्वी भाग से अधिक गर्म रहा, तो सकारात्मक IOD बनेगा, जो अधिक नमी लाकर मानसून को मजबूत कर सकता है। इसके अलावा, बढ़ती गर्मी भी हवाओं को जल्दी सक्रिय कर सकती है।
राहत की उम्मीद
राहत कब तक मिल सकती है?
यदि मई के अंत तक वायुमंडल या समुद्र में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं हुआ, तो 25 मई के आसपास मानसून के आगमन की अच्छी संभावना है। पिछले वर्ष भी पूर्वानुमान के अनुसार मानसून अपेक्षा से पहले आया था। इस बार भी संकेत सकारात्मक हैं। दक्षिण भारत के लाखों लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं। यदि ये पूर्वानुमान सही साबित होते हैं, तो जल्द ही ठंडी हवाओं और बारिश का इंतजार खत्म हो सकता है।
