दक्षेस की भावना को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता: बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार
दक्षिण एशिया में शोक और एकता का संदेश
बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने बृहस्पतिवार को कहा कि दक्षिण एशियाई देशों ने पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन पर एकजुट होकर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने यह भी बताया कि ‘‘दक्षेस की भावना अभी भी जीवित है’’।
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर समेत दक्षिण एशिया के कई प्रमुख नेता बुधवार को ढाका में जिया के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। यूनुस ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा कि वह तीन बार की प्रधानमंत्री और दुनिया की दूसरी महिला मुस्लिम राष्ट्राध्यक्ष के प्रति दक्षेस देशों द्वारा प्रदर्शित सम्मान से ‘बेहद भावुक’ हैं।
यूनुस ने दक्षिण एशियाई नेताओं के साथ बैठकों में दक्षेस (दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन) को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बयान में कहा गया है कि उन्होंने मालदीव के उच्च शिक्षा, श्रम और कौशल विकास मंत्री अली हैदर अहमद के साथ मुलाकात के दौरान कहा, ‘‘कल के अंतिम संस्कार में हमने दक्षेस की सच्ची भावना देखी। यह भावना अब भी जीवित है।’’
दक्षेस में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल हैं। यह संगठन 2016 से लगभग निष्क्रिय है, और इसका अंतिम द्विवार्षिक शिखर सम्मेलन 2014 में काठमांडू में हुआ था।
भारत ने 2016 में इस्लामाबाद में आयोजित शिखर सम्मेलन में भाग लेने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान ने भी शामिल होने से मना कर दिया, जिससे यह सम्मेलन रद्द हो गया। भारत ने दक्षेस को तुरंत सक्रिय करने की संभावनाओं को खारिज कर दिया है।
