देवेंद्र फड़नवीस की बढ़ती ताकत: महाराष्ट्र में भाजपा का नया अध्याय
फड़नवीस का प्रभाव और भाजपा की सफलता
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद एक मजबूत नेता के रूप में उभरे हैं। उनकी अगुवाई में भाजपा ने 132 सीटें जीतकर बहुमत के करीब पहुंचने में सफलता हासिल की है। यह एक ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि दशकों में कोई भी पार्टी महाराष्ट्र में इस स्तर तक नहीं पहुंची। फड़नवीस ने न केवल भाजपा को इस स्थिति में लाया है, बल्कि सूत्रों के अनुसार, उन्होंने अजित पवार की एनसीपी को भी अपने नियंत्रण में ले लिया है। सुनेत्रा पवार की पार्टी का संचालन भी अब उनके हाथों में है। यह भी कहा जा रहा है कि यह प्रक्रिया अजित पवार के कार्यकाल के दौरान ही शुरू हुई थी। दोनों नेताओं के बीच एक सहमति बनी थी, जिससे उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को काबू में रखा जा सके।
राजनीतिक घटनाक्रम और बदलाव
हाल ही में, देवेंद्र फड़नवीस ने एनसीपी के वरिष्ठ नेता धनंजय मुंडे को मंत्री पद से हटा दिया। यह कदम एक सामाजिक कार्यकर्ता की हत्या में मुंडे के करीबी व्यक्ति के नाम आने के बाद उठाया गया। इस मामले को लेकर कई चर्चाएं हुईं, लेकिन अंततः फड़नवीस ने मुंडे का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इसके बाद से मुंडे राजनीतिक हाशिए पर चले गए हैं। इसी तरह, एक तांत्रिक द्वारा महिला के यौन शोषण के मामले में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चकनकर को भी हटाया गया है। चकनकर भी अजित पवार की पार्टी से संबंधित हैं। उनके हटने के बाद, अजित पवार चाहते हैं कि चकनकर को एनसीपी की महिला शाखा से भी बाहर किया जाए। इसके अलावा, अजित पवार के विमान हादसे से जुड़े विवाद में भी सुनेत्रा पवार और उनका परिवार फड़नवीस की इच्छाओं के अनुसार कार्य कर रहा है।
