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धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का 'लव जिहाद' पर विवादास्पद बयान

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नागपुर में 'लव जिहाद' पर अपने विचार व्यक्त किए हैं, जिसे उन्होंने एक गंभीर राष्ट्रीय समस्या बताया। उन्होंने इसे 'धीमा जहर' करार दिया और समाज से एकजुट होने का आह्वान किया। शास्त्री ने महानगरों में बेटियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर चिंता जताई और सख्त कानून बनाने की मांग की। उनके बयान ने एक नई बहस को जन्म दिया है, जिसमें प्रेम और संस्कृति के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
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धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का 'लव जिहाद' पर विवादास्पद बयान

नई दिल्ली में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान


नई दिल्ली: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने स्पष्ट बयानों से राजनीतिक और सामाजिक हलचल पैदा की है। हाल ही में चार बच्चों के बयान के बाद, उन्होंने नागपुर में 'लव जिहाद' पर अपनी राय व्यक्त की। शास्त्री ने इसे एक गंभीर राष्ट्रीय समस्या बताया और समाज से सनातनी मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। उनके इस बयान ने नई बहस को जन्म दिया है।


लव जिहाद को 'धीमा जहर' करार

धीरेंद्र शास्त्री ने अपने भाषण में 'लव जिहाद' को एक 'धीमा जहर' बताया, जो धीरे-धीरे देश में फैल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में पिछले एक साल में 280 से अधिक मामले दर्ज हुए हैं। उनके अनुसार, यह स्थिति चिंताजनक है और यह समाज को कमजोर करने की एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है।


महानगरों में बेटियों का संकट

शास्त्री ने कहा कि यह समस्या अब केवल गांवों तक सीमित नहीं है, बल्कि मुंबई और नागपुर जैसे महानगरों में भी बेटियों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधी अपने नाम और भेष बदलकर मासूम लड़कियों को फंसाते हैं। शहरी क्षेत्रों में बढ़ती घटनाओं को उन्होंने संस्कृति पर हमला बताया। उनका मानना है कि जागरूकता की कमी के कारण कई परिवार इस गंभीर समस्या का शिकार हो रहे हैं।


प्रेम और संस्कृति के बीच संतुलन

बाबा ने स्पष्ट किया कि वे प्रेम के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन प्रेम के नाम पर धार्मिक पहचान और मूल्यों का उल्लंघन करना गलत है। उन्होंने बेटियों से अपील की कि वे प्रेम और धोखे के बीच का अंतर समझें। शास्त्री ने कहा कि धर्म-विरोधी ताकतें हिंदू संस्कृति को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। उनका संकल्प है कि वे बेटियों को जागरूक करेंगे ताकि वे अपनी विरासत और आत्मसम्मान के साथ समझौता न करें।


सख्त कानून की मांग

अंत में, शास्त्री ने महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से इस मुद्दे पर कठोर कदम उठाने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की तरह अन्य राज्यों में भी सख्त कानून होना चाहिए। उनकी मांग है कि केंद्र सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप कर राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत कानून बनाना चाहिए। शास्त्री का मानना है कि जब तक सजा का डर नहीं होगा, तब तक बेटियों के साथ छल करने वालों को रोका नहीं जा सकेगा।