नासिक में टीसीएस कर्मचारी निदा खान का विवाद: धार्मिक परिवर्तन और यौन उत्पीड़न के आरोप
निदा खान का फरार होना
नासिक में टीसीएस यूनिट की कर्मचारी निदा खान पिछले एक सप्ताह से लापता हैं, जिन पर जबरन धार्मिक परिवर्तन का आरोप है। उनके पति मोइन नवेद इकबाल खान ने पुलिस को उनके ठिकाने के बारे में बार-बार भिन्न जानकारी दी है, जिससे जांच में बाधा उत्पन्न हो रही है। निदा खान पहले टीसीएस नासिक यूनिट में कार्यरत थीं, लेकिन दो महीने पहले उन्हें मुंबई के मालाड और हिरानंदानी कार्यालय में स्थानांतरित किया गया था। इसी दौरान उनके पति को अमेजन वेब सर्विसेज में लॉजिस्टिक्स ऑफिसर की नौकरी मिली थी। जब उनके नाम पर आरोप लगे, तो कंपनी ने उन्हें निलंबित कर दिया और वे गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गईं।
पति का बयान बदलना
पुलिस ने शुक्रवार को निदा खान के पति से पूछताछ की, जिसमें उन्होंने बताया कि निदा 14 अप्रैल को घर छोड़कर किसी रिश्तेदार के पास गई थीं। जब पुलिस उस रिश्तेदार के घर पहुंची, तो दरवाजा बंद मिला और दोनों के मोबाइल फोन बंद थे। बाद में पति ने कहा कि निदा की आंटी नूरी शेख उन्हें नासिक ले गई थीं, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें निदा के ठिकाने की कोई जानकारी नहीं है।
टीसीएस नासिक में यौन उत्पीड़न का मामला
यह मामला तब सामने आया जब टीसीएस नासिक की एक महिला कर्मचारी ने अपने सहकर्मी दानिश शेख पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया। पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि दानिश पहले से शादीशुदा थे और निदा खान को दानिश की बहन बताया गया है। निदा पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता की धार्मिक भावनाओं का अपमान किया और उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया। इसके बाद, सात अन्य महिलाओं ने भी अपने सीनियर सहकर्मियों पर मानसिक और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया।
निदा खान का निलंबन
निदा खान, जो पहले बच्चे की उम्मीद कर रही थीं, को 9 अप्रैल को टीसीएस द्वारा निलंबित कर दिया गया। उनके निलंबन पत्र में गंभीर मामले का उल्लेख किया गया है। पत्र में कहा गया है कि कंपनी को उनके खिलाफ एक गंभीर मामले की जानकारी मिली है, जिसके कारण उन्हें निलंबित किया गया है।
अग्रिम जमानत की याचिका
निदा खान के परिवार का कहना है कि वे पहली बार मां बनने वाली हैं। उन्होंने नासिक की स्थानीय अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की है। उनके वकील ने कहा कि निदा पर कोई गंभीर आरोप नहीं है और उन्होंने केवल मामले पर चर्चा की थी।
टीसीएस का आधिकारिक बयान
टीसीएस ने एक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि निदा खान न तो एचआर मैनेजर थीं और न ही उनकी भर्ती की जिम्मेदारी थी। वे केवल प्रोसेस एसोसिएट के रूप में कार्यरत थीं। कंपनी ने कहा कि नासिक यूनिट से संबंधित प्रणालियों की प्रारंभिक समीक्षा से पता चलता है कि इस प्रकार की कोई शिकायत नहीं मिली है। टीसीएस ने मामले की जांच के लिए एक ओवरसाइट पैनल गठित करने की घोषणा की है।
