नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा, विकास की योजनाओं पर की चर्चा
नीतीश कुमार का इस्तीफा
पटना- नीतीश कुमार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात कर औपचारिक रूप से अपना त्यागपत्र सौंपा। इसके बाद वह लोक भवन से बाहर आए। इस्तीफा देने के बाद, उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता के लिए एक भावुक संदेश भी साझा किया।
नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, "आप सभी को याद होगा कि 24 नवंबर, 2005 को राज्य में पहली बार एनडीए सरकार का गठन हुआ था। तब से राज्य में कानून का राज स्थापित हुआ है और हम विकास के कार्यों में निरंतर लगे हुए हैं। हमारी सरकार ने सभी वर्गों के विकास के लिए काम किया है, चाहे वह हिंदू हो, मुस्लिम, अपर कास्ट, पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित या महादलित। हर क्षेत्र में, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और कृषि में काम किया गया है। महिलाओं और युवाओं के लिए भी कई योजनाएं बनाई गई हैं।"
उन्होंने आगे बताया, "हाल के दिनों में काम को और गति दी गई है। अगले पांच वर्षों, यानी 2025 से 2030 के लिए सात निश्चय-3 की योजना बनाई गई है। इससे बिहार का विकास और तेज होगा। केंद्र सरकार का भी इस विकास में पूरा सहयोग मिल रहा है, जिसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करता हूं। बिहार जल्द ही देश के शीर्ष राज्यों में शामिल होगा और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगा।"
नीतीश कुमार ने कहा, "हमने बिहार के लोगों के लिए बहुत काम किया है। हमने लगातार उनकी सेवा की है। अब हमने तय किया था कि मुख्यमंत्री का पद छोड़ देंगे, इसलिए मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मैंने राज्यपाल से मिलकर इस्तीफा सौंप दिया। नई सरकार अब राज्य के कार्यों को संभालेगी। नई सरकार को मेरा पूरा सहयोग और मार्गदर्शन रहेगा। आगे भी बहुत अच्छा काम होगा और बिहार तेजी से आगे बढ़ेगा। सभी का धन्यवाद और शुभकामनाएं।"
