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नीतीश कुमार ने राज्यसभा में ली शपथ, बिहार की राजनीति में नया मोड़

नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा में शपथ ली, जिससे बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हुआ है। उनकी इस यात्रा के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की संभावना जताई जा रही है, जिससे राज्य में नई सरकार का गठन होगा। जानें इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
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नीतीश कुमार ने राज्यसभा में ली शपथ, बिहार की राजनीति में नया मोड़

नीतीश कुमार का राज्यसभा में शपथ ग्रहण

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को नई दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें यह शपथ दिलाई।


इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन, कांग्रेस के जयराम रमेश, और जेडीयू व भाजपा के अन्य नेता भी उपस्थित थे। नीतीश कुमार का यह शपथ ग्रहण बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। उल्लेखनीय है कि उन्होंने पहले राज्य विधान परिषद के सदस्य के रूप में कार्य किया था, लेकिन राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद 30 मार्च को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।


नीतीश कुमार मार्च में बिहार से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे और वह लगभग 20 वर्षों तक बिहार की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। जनता दल यूनाइटेड के नेता के रूप में, उन्होंने 10 अप्रैल से अपनी नई राजनीतिक यात्रा शुरू की। उन्होंने दोपहर 12:15 बजे हिंदी में शपथ ली, जिससे वह केंद्र की राजनीति में सक्रिय हो गए हैं।


यह संभावना जताई जा रही है कि नीतीश कुमार जल्द ही बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। उनके इस्तीफे के बाद राज्य में नई सरकार का गठन किया जाएगा, जिसमें कैबिनेट भी भंग होगी। नए मुख्यमंत्री का चयन और मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण भी होगा।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नई राज्य सरकार का मुख्यमंत्री भाजपा से हो सकता है, जबकि जेडीयू को डिप्टी सीएम का पद मिल सकता है। नीतीश कुमार ने गुरुवार को दिल्ली पहुंचकर जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा सहित कई नेताओं का स्वागत किया।


नीतीश कुमार की यह यात्रा महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उनकी पुरानी भूमिका समाप्त होती है और एक नई भूमिका की शुरुआत होती है। वह 1985 में पहली बार विधायक बने थे और अब तक छह बार लोकसभा के सांसद रह चुके हैं। वह संसदीय लोकतंत्र के चारों सदनों का हिस्सा रह चुके हैं।


इस समय कई वरिष्ठ नेता राज्यसभा के सदस्य हैं, जिनमें जेपी नड्डा, सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, और शरद पवार शामिल हैं। हाल ही में 19 नेताओं ने राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली है।