नेपाल में पूर्व प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की गिरफ्तारी, युवाओं के आंदोलन से जुड़ा मामला
नेपाल में गिरफ्तारी की कार्रवाई
काठमांडो। नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को शनिवार सुबह पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी पिछले वर्ष के जेनरेशन जेड आंदोलन से संबंधित मामले में की गई है। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले, शुक्रवार को बालेन शाह ने नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। पुलिस के अनुसार, ओली को भक्तपुर के गुंडु स्थित उनके निवास से पकड़ा गया, जबकि रमेश लेखक को सुबह लगभग पांच बजे सूर्यविनायक से गिरफ्तार किया गया।
जांच आयोग की सिफारिश पर कार्रवाई
यह कार्रवाई गृह मंत्रालय की शिकायत के आधार पर शुरू की गई जांच के परिणामस्वरूप हुई। एक जांच आयोग ने सुझाव दिया था कि इन नेताओं के खिलाफ लापरवाही का मामला चलाया जाए। इस मामले में अधिकतम 10 साल की सजा हो सकती है। पुलिस ने ओली और रमेश लेखक को जल्द ही आर्म्ड पुलिस फोर्स की महाराजगंज स्थित बटालियन नंबर दो में स्थानांतरित करने की योजना बनाई है। गिरफ्तारी के बाद, दोनों नेताओं को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि मेडिकल जांच पूरी होते ही उन्हें बटालियन में रखा जाएगा।
आयोग की रिपोर्ट और कैबिनेट बैठक
इस मामले की जांच एक आयोग ने की थी, जिसकी अध्यक्षता पूर्व जज गौरी बहादुर कार्की ने की। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने में गंभीर लापरवाही हुई। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने पहले से मिली चेतावनी के बावजूद उचित कदम नहीं उठाए, जिससे स्थिति बिगड़ गई और कई लोगों की जान चली गई। गिरफ्तारी से पहले, प्रधानमंत्री बालेन शाह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस रिपोर्ट को लागू करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद ही पुलिस ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया।
