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नोएडा में फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन: 50 से अधिक फैक्ट्रियों में तोड़फोड़

नोएडा में फैक्ट्री कर्मचारियों ने सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन किया, जिसमें 50 से अधिक फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल तैनात किया, जबकि योगी सरकार ने मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
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नोएडा में फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन: 50 से अधिक फैक्ट्रियों में तोड़फोड़

कंपनियों के बाहर पुलिस बल की तैनाती


नोएडा: सैलरी में वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों ने 50 से अधिक फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ की। कई वाहनों और बसों को आग के हवाले कर दिया गया। जब पुलिस ने हस्तक्षेप किया, तो प्रदर्शनकारियों ने उनकी गाड़ी पलट दी। स्थिति बिगड़ने पर कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद कर्मचारियों ने उन पर पथराव किया। इसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे प्रदर्शन जारी रखेंगे।


प्रदर्शन के फैलने की जानकारी

प्रदर्शन की शुरुआत फेज-2 क्षेत्र से हुई, जहां सुनवाई न होने के कारण कर्मचारी उग्र हो गए। इसके बाद, यह आंदोलन नोएडा के लगभग 10 औद्योगिक क्षेत्रों और आसपास के जिलों में फैल गया। कर्मचारियों ने नोएडा सेक्टर-57 में 30 से अधिक फैक्ट्रियों और कार्यालयों में तोड़फोड़ की। सेक्टर-40 और 60 में उन्होंने कंपनियों का घेराव किया, जबकि सेक्टर 85 में जबरन फैक्ट्री में घुसने का प्रयास किया। इसके अलावा, सेक्टर 1, 15, 62 और डीएनडी फ्लाईओवर के पास सड़कें जाम कर दी गईं।


अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कुछ क्षेत्रों में आरएएफ और पीएसी को तैनात किया गया है। कंपनियों के बाहर भारी पुलिस बल मौजूद है। डीजीपी राजीव कृष्ण और एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश कंट्रोल रूम से स्थिति पर नजर रख रहे हैं। डीजीपी ने कहा है कि वे अफवाह फैलाने वालों की पहचान कर रहे हैं और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


योगी सरकार की उच्च स्तरीय समिति

योगी सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि औद्योगिक अशांति पैदा करने वालों से सावधान रहना चाहिए। हमारी सरकार श्रमिकों के साथ है।


गुरुग्राम में पेट्रोल बम से जलाने की साजिश

हरियाणा के गुरुग्राम में 9 अप्रैल को सैलरी बढ़ाने के लिए हुए प्रदर्शन में एक बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि कंपनियों को पेट्रोल बम से जलाने की साजिश थी। बाहरी लोगों ने कर्मचारियों को तोड़फोड़ और आगजनी के लिए उकसाया था। वॉट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट भी सामने आए हैं।


गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहतक के भरान निवासी आकाश, जींद के लखमीरवाला निवासी अजीत सिंह, उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल निवासी हरीश चंद, बिहार के मधुबनी निवासी पिंटू कुमार यादव, उत्तराखंड के उद्यम सिंह नगर निवासी राजू सिंह और उत्तर प्रदेश के बदायूं निवासी श्यामबीर के रूप में हुई है। यह मामला मानेसर आईएमटी स्थित कंपनियों से संबंधित है।