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पंजाब के मुख्यमंत्री ने भाजपा पर लगाया आरोप, कहा- पार्टी ने हमेशा की है तोड़फोड़

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने हमेशा क्षेत्रीय दलों को तोड़ने की कोशिश की है। उन्होंने केंद्र सरकार पर पंजाब के विकास में बाधा डालने का भी आरोप लगाया। मान ने बताया कि भाजपा की राजनीतिक रणनीति पंजाब में फूट डालकर सत्ता हासिल करना है। उन्होंने पंजाब सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने मुफ्त बिजली और सरकारी नौकरियों का वितरण किया है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया।
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पंजाब के मुख्यमंत्री ने भाजपा पर लगाया आरोप, कहा- पार्टी ने हमेशा की है तोड़फोड़

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का बयान


कहा, हरियाणा से लेकर पश्चिम बंगाल तक इसका गवाह


चंडीगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह पार्टी पंजाब को कमजोर करने की योजनाएं बना रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य पंजाब में फूट डालकर सत्ता हासिल करना है। मान ने यह भी बताया कि भाजपा की राजनीतिक रणनीति हमेशा क्षेत्रीय पार्टियों को कमजोर करने की रही है।


उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि यह केवल दूसरी पार्टियों को तोड़ने में माहिर है, क्योंकि इसके पास भरोसेमंद नेतृत्व की कमी है। उन्होंने ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे और शरद पवार की पार्टियों में फूट डालने के प्रयासों का उल्लेख किया।


केंद्र सरकार ने रोकी पंजाब की जरूरी ग्रांट


मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब के विकास में बाधा डालते हुए हजारों करोड़ रुपए की ग्रांट रोक रखी है। इसमें ग्रामीण विकास कोष, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन फंड और अन्य योजनाओं के तहत फंड शामिल हैं, जिससे राज्य के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग करके उनकी पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रही है।


पंजाब का विकास भाजपा बर्दाश्त नहीं कर पा रही


मुख्यमंत्री ने पंजाब सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा और उसके समर्थक यह नहीं समझ पा रहे हैं कि उनकी सरकार ने 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली कैसे दी है। उन्होंने बताया कि 65,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं और बुनियादी ढांचे में सुधार किया गया है। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं, जिसमें प्रत्येक को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है।