पंजाब के मुख्यमंत्री ने सुखबीर बादल पर किया तीखा हमला
सुखबीर बादल ने माफी मांगी, लेकिन मुकर गए
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक बार फिर अपने विरोधियों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वे जनता की अदालत में हार चुके हैं। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब के लोग उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग समझते हैं कि यह सब पवित्र संस्था की गरिमा को कमजोर करने की कोशिश है।
धार्मिक मुद्दों और बेअदबी पर बात करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सर्वोच्च है। उन्होंने बेअदबी की घटनाओं के खिलाफ सख्त सजा सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक विधायी कार्रवाई का ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिरोमणि अकाली दल, जिसे पहले ही जनता ने खारिज कर दिया है, अब परमात्मा की अदालत में भी बेनकाब हो चुका है।
सुखबीर बादल के बयानों में विरोधाभास
मुख्यमंत्री ने सुखबीर सिंह बादल के विरोधाभासी बयानों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जब बादल ने श्री अकाल तख्त साहिब पर माफी मांगी, तब उन्होंने कुछ और कहा, लेकिन बाद में अपने बयान से मुकर गए। मुख्यमंत्री ने बताया कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख समुदाय की सर्वोच्च संस्था है और हर पंजाबी इसे मानता है। उन्होंने कहा कि यदि सुखबीर बादल से कोई गलती हुई है, तो उन्हें इसे स्वीकार करना चाहिए।
विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर कानून में बदलाव
मुख्यमंत्री ने बेअदबी विरोधी कानून के संदर्भ में कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब के सम्मान से जुड़े 2008 के कानून में संशोधन के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बैसाखी के पवित्र अवसर पर बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बेअदबी की कोशिश करने वालों को कम से कम 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सख्त सजा का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा, उन्होंने संत समाज और कानूनी विशेषज्ञों के साथ व्यापक विचार-विमर्श जारी रखने की बात कही ताकि एक प्रभावी और सख्त कानून तैयार किया जा सके।
