पंजाब में भाजपा के चुनावी खेल पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की कड़ी प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का बयान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग कर चुनावी लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में दो 'आप' नेताओं के घरों पर ई.डी. के छापे इस बात का प्रमाण हैं कि भाजपा चुनावी रणनीति के तहत डर फैलाने का प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा को यह समझना चाहिए कि पंजाबी कभी भी डर के आगे नहीं झुकेंगे। उन्होंने भाजपा से आग्रह किया कि वह चुनाव जीतने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का सहारा लेना बंद करे।
मान ने यह भी कहा कि भाजपा ने पंजाब में 117 उम्मीदवारों की तलाश में असफलता के बाद अब 'आप' नेताओं को डराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार केवल चुनाव जीतने के लिए फंड रोकने और राज्यपालों का दुरुपयोग कर रही है।
लोकतंत्र पर खतरा
मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र के प्रति बढ़ते खतरे पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गैर-भाजपा सरकारों को परेशान करने के लिए फंड रोक रही है और राज्यपालों का दुरुपयोग कर रही है।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने 'आप' को इसलिए निशाना बनाया है क्योंकि यह तेजी से बढ़ रही है। मान ने कहा कि भाजपा को कांग्रेस से सुलझने की उम्मीद है, लेकिन वह नहीं चाहती कि कोई तीसरी ताकत उभरे।
भाजपा की रणनीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने दिल्ली में 'आप' नेताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए हैं। उन्होंने कहा कि यह सब डराने-धमकाने की राजनीति का हिस्सा है।
मान ने यह भी कहा कि भाजपा ने चुनावों में जीतने के लिए ई.डी., सी.बी.आई. और चुनाव आयोग का सहारा लिया है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र का कत्ल है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भविष्य की रणनीति
मुख्यमंत्री ने भाजपा को सलाह दी कि उसे 2027 के चुनावों की तैयारी लोगों के बीच जाकर करनी चाहिए, न कि छापों और दबाव के माध्यम से। उन्होंने कहा कि 'आप' डरने वाली नहीं है और किसी भी दबाव का सामना करेगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा को अपनी संगठनात्मक कमजोरी को समझना चाहिए और पंजाब में असली आधार बनाने की कोशिश करनी चाहिए।
