पंजाब में विदेश भेजने के नाम पर युवाओं का अपहरण: मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
पंजाब में अपहरण का मामला
मोहाली/चंडीगढ़- विदेश में नौकरी का झांसा देकर युवाओं के अपहरण और करोड़ों रुपये की फिरौती मांगने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस पर "पंजाब अगेंस्ट करप्शन" संस्था ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है।
संस्था के अध्यक्ष सतनाम दाऊँ और सदस्य नवनीत फाजिल्का ने गुरुवार को आरोप लगाया कि ट्रैवल एजेंटों और अंतरराष्ट्रीय गिरोह के बीच मिलीभगत से पंजाब, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, युवाओं को दक्षिण कोरिया भेजने का लालच देकर उन्हें थाईलैंड और खाड़ी देशों के माध्यम से इथियोपिया पहुंचाया गया, जहां एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही उनका अपहरण कर लिया गया। पीड़ितों के परिजनों को भेजे गए ऑडियो-वीडियो में उनके साथ बेरहमी से मारपीट और यातना के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। अपहरणकर्ता प्रति युवक लगभग 50 लाख रुपये की फिरौती मांग रहे हैं।
सतनाम दाऊँ ने बताया कि मुख्य आरोपी, जो खुद को "खान बाबा" बताता है, व्हाट्सएप के जरिए धमकियां देकर पैसे की मांग करता है और भुगतान न होने पर हत्या की चेतावनी देता है। परिवारों का कहना है कि पुलिस और भारतीय दूतावासों को सूचित करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कई परिवार अपने बच्चों को छुड़ाने के लिए भारी रकम चुका चुके हैं, जबकि कुछ युवक अब भी बंधक बने हुए हैं। संस्था ने राज्य सरकार से इंटरपोल की मदद लेने, फर्जी एजेंटों पर कड़ी कार्रवाई करने और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की मांग की है, ताकि अन्य युवाओं को इस जाल में फंसने से रोका जा सके।
