पंजाब में शिक्षा क्रांति: मुख्यमंत्री भगवंत मान का रिपोर्ट कार्ड
शिक्षा बजट में अभूतपूर्व वृद्धि
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि पंजाब में शिक्षा बजट को 2021-22 में 12,657 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 2026-27 में 19,279 करोड़ रुपए किया गया है। इस वृद्धि से राज्य की शिक्षा प्रणाली को एक नया आयाम मिला है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कनाडा और ऑस्ट्रेलिया से छात्र बेहतर शिक्षा के लिए पंजाब का रुख करेंगे।
शिक्षा मॉडल में सुधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का शिक्षा मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर एक मिसाल बन गया है, जिससे सरकारी स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों के समकक्ष लाने में मदद मिली है।
उन्होंने यह भी बताया कि पेपर लीक की कोई घटना नहीं हुई है, जो कि शिक्षा में सुधार का एक महत्वपूर्ण संकेत है।
शिक्षा क्रांति का दूसरा चरण
मुख्यमंत्री ने 19,279 करोड़ रुपए के शिक्षा बजट आवंटन और 3,500 करोड़ रुपए के साथ शिक्षा क्रांति के दूसरे चरण की शुरुआत की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि इस पहल से पंजाब के भविष्य को नया रूप मिलेगा।
उच्च शिक्षा में सुधार
मुख्यमंत्री ने बताया कि 740 विद्यार्थियों ने जेईई परीक्षा और 1284 ने नीट परीक्षा पास की है।
इसके अलावा, 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें से 60 पहले से कार्यशील हैं।
शिक्षकों के लिए विश्वस्तरीय प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि 14,525 शिक्षकों की भर्ती की गई है और शिक्षा विभाग के 12,316 कर्मचारियों की सेवाएं नियमित की गई हैं।
उन्होंने बताया कि शिक्षकों के लिए विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है।
भविष्य की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने देश की पहली 'डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी नीति-2026' पेश की है।
उन्होंने यह भी बताया कि पंजाबी भाषा को सरकारी कामकाज में अनिवार्य किया गया है और पंजाबी साहित्य का डिजिटलीकरण किया जा रहा है।
