पंजाब में संसदीय हितों की रक्षा के लिए सर्वदलीय बैठक की आवश्यकता
सर्वदलीय बैठक की मांग
चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने देशभर में प्रस्तावित संसदीय क्षेत्रों के परिसीमन के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों के बीच सहमति बनाने की आवश्यकता जताई है।
वड़िंग ने एक बयान में कहा कि भारत सरकार ने 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाया है। उन्होंने बताया कि इस सत्र का आधिकारिक एजेंडा महिला आरक्षण बिल में संशोधन है, लेकिन ऐसी भी जानकारी है कि सरकार विधानसभा और संसदीय क्षेत्रों के परिसीमन से संबंधित बिल भी पारित कर सकती है।
उन्होंने चेतावनी दी कि पंजाब समेत कई अन्य राज्यों को इस कदम से नुकसान होगा। अधिक जनसंख्या वाले राज्य जैसे उत्तर प्रदेश और बिहार को इसका बड़ा लाभ मिलेगा, जबकि पंजाब को नुकसान उठाना पड़ेगा।
वड़िंग ने कहा कि रिपोर्टों के अनुसार, सरकार संसद और विधानसभा सीटों में लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने की योजना बना रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका राज्य विधानसभाओं पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन छोटे राज्यों के लिए यह संसद में नुकसानदायक साबित होगा। प्रस्तावों के अनुसार, पंजाब से सांसदों की संख्या 20 हो सकती है, जबकि उत्तर प्रदेश की संख्या 120 तक पहुंच सकती है। इससे बड़े राज्यों को अधिक लाभ मिलेगा।
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि इससे राज्य पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होकर इस मुद्दे पर रणनीति बनाने और किसी भी ऐसे कदम का सामूहिक रूप से विरोध करने की अपील की है।
