पंजाब में सरकारी स्कूलों के छात्रों को मिल रहे समान अवसर: शिक्षा मंत्री बैंस
उच्च गुणवत्ता की कोचिंग का लाभ
कहा, जेईई और नीट के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग देकर सरकारी स्कूल शिक्षा को नई दिशा दी
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने जानकारी दी कि पंजाब अकादमिक कोचिंग फॉर एक्सीलेंस (पेस) कार्यक्रम के तहत आयोजित शीतकालीन रेजिडेंशियल कोचिंग कैंपों में सरकारी स्कूलों के छात्रों को उच्च गुणवत्ता की प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान की गई हैं। इस पहल से 1700 से अधिक छात्रों ने लाभ उठाया है, जिसे इस प्रकार से तैयार किया गया है कि सभी विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की उच्च-स्तरीय कोचिंग तक पहुंच मिल सके।
प्रतिभाशाली छात्रों की भागीदारी
बैंस ने बताया कि इन कैंपों का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के छात्रों को भारत की प्रमुख शैक्षणिक संस्थाओं जैसे आईआईटी, एनआईटी और एम्स के लिए तैयार करना है। इन कैंपों में कुल 1728 छात्रों ने भाग लिया, जिनमें बठिंडा में 601 (359 छात्राएं, 242 छात्र), लुधियाना में 573 (327 छात्राएं, 246 छात्र) और एसएएस नगर (मोहाली) में 554 (367 छात्राएं, 187 छात्र) शामिल हैं।
सरकारी स्कूलों के छात्रों की क्षमताएं
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि यह पहल मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जो सभी वर्गों के छात्रों को समान अवसर प्रदान करने के लिए कार्यरत है। उन्होंने कहा कि पेस विंटर कैंपों को मिला उत्साहपूर्ण प्रतिसाद सरकारी स्कूलों के छात्रों की अपार क्षमताओं को दर्शाता है। यह पहल युवाओं को सशक्त बनाती है और उन्हें शीर्ष संस्थानों में पढ़ाई का समान अवसर देती है।
सरकार की व्यापक पहल
शिक्षा मंत्री ने बताया कि ये शीतकालीन कैंप विभाग की कई पहलों में से एक हैं, जिसमें छात्रों के चयन के लिए पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाई गई है। चयन प्रक्रिया में मॉक टेस्ट, अवधारणात्मक स्पष्टता, अकादमिक निरंतरता और शिक्षकों की सिफारिशों के आधार पर छात्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया। उन्होंने कहा कि समावेशी दृष्टिकोण के तहत प्रत्येक केंद्र में 20 प्रतिशत सीटें सामान्य सरकारी स्कूलों और ड्रॉप-ईयर अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित की गई हैं, जिससे अन्य मेधावी छात्रों को भी इस पहल का लाभ मिल सके।
