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पंजाब सरकार किसानों के हित में उठाए कदम

पंजाब सरकार ने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिसमें पारदर्शी बाढ़ राहत मुआवजा प्रक्रिया और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना शामिल है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की हैं, जिससे कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जानें कैसे ये कदम किसानों के जीवन को प्रभावित कर रहे हैं और राज्य की कृषि नीति में बदलाव ला रहे हैं।
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पंजाब सरकार किसानों के हित में उठाए कदम

किसानों की भलाई के लिए सरकार की पहल

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हमेशा किसानों के कल्याण के लिए निर्णय लिए हैं। राज्य सरकार ने किसानों की खुशहाली के लिए कई प्रयास किए हैं। पहली बार, बाढ़ राहत मुआवजा प्रक्रिया को पारदर्शी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित किया गया है। हर गांव, किसान और परिवार तक राहत पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर टीमों को सक्रिय किया गया है। इन टीमों ने सर्वेक्षण किया, डेटा की पुष्टि की, और मुआवजे की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जा रही है, जिससे बिचौलियों और देरी की संभावना समाप्त हो गई है। इसके अतिरिक्त, किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। पिछले वर्ष, पंजाब सरकार के प्रयासों से नरमे की कृषि में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल 2.49 लाख एकड़ में नरमा बोया गया था, जो इस वर्ष बढ़कर 2.98 लाख एकड़ हो गया है। इस प्रकार, नरमे की खेती में 49,000 एकड़ से अधिक का इजाफा हुआ है। राज्य सरकार जल-बचत वाली सीधी बुवाई (डीएसआर) तकनीक को बढ़ावा देने के लिए प्रति एकड़ 1,500 रुपये का प्रोत्साहन दे रही है, जिससे इस वर्ष खेती का क्षेत्रफल 17 प्रतिशत बढ़कर 2.96 लाख एकड़ हो गया है। यह पंजाब के भूजल संसाधनों के संरक्षण में एक महत्वपूर्ण कदम है। बासमती चावल की खेती में भी मामूली वृद्धि हुई है, जो पिछले वर्ष के 6.81 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 6.90 लाख हेक्टेयर हो गई है। यह वृद्धि किसानों के लिए सुगंधित फसल के लाभदायक विकल्प के रूप में प्रतिष्ठा को दर्शाती है, जो घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों की आवश्यकताओं को पूरा करती है। किसानों के हित में, यह पहली बार है जब किसी मुख्यमंत्री ने स्वयं ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर किसानों तक सहायता पहुंचाने की शुरुआत की।