पंजाब सरकार पर कर्मचारियों के अधिकारों का उल्लंघन करने का आरोप
कर्मचारियों के लिए डीए की मांग
कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए डीए की तत्काल आवश्यकता
चंडीगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने राज्य के मुख्यमंत्री और सरकार पर कर्मचारियों के खिलाफ नीतियों का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों को वास्तविक मुद्दों से भटकाने का प्रयास कर रही है। जाखड़ ने बताया कि पंजाब में तीन लाख से अधिक कर्मचारी और चार लाख पेंशनर्स डीए की किश्तों और बकाया राशि की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
जाखड़ ने यह भी कहा कि उच्च न्यायालय ने सरकार को 30 जून तक कर्मचारियों और पेंशनर्स को 15 हजार करोड़ रुपये की डीए किश्तें जारी करने का आदेश दिया था, लेकिन सरकार ने फिर से कोर्ट में अपील की है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब कोई सरकार डीए की किश्तें देने से इनकार कर रही है।
सरकार का डीए पर बयान
भाजपा नेता ने कहा कि सरकार ने यह दावा किया है कि वह डीए बढ़ाने के लिए बाध्य नहीं है। जाखड़ ने स्पष्ट किया कि डीए कर्मचारियों का अधिकार है, न कि कोई भिक्षा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के अलावा हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान में 60 प्रतिशत डीए दिया जा रहा है, जबकि पंजाब में केवल 42 प्रतिशत मिल रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा को जीत दिलाने का कारण वहां की खराब कानून व्यवस्था और कर्मचारियों को डीए न मिलना था। अब पंजाब में भी ऐसे ही हालात बनते जा रहे हैं। जाखड़ ने भरोसा दिलाया कि भाजपा स्थिति को सुधारने और कर्मचारियों के हितों की रक्षा करेगी।
भाजपा की सुरक्षा प्राथमिकता
जाखड़ ने कहा कि भाजपा किसी भी धमकी से डरने वाली नहीं है और पार्टी की प्राथमिकता पंजाब के लोगों की सुरक्षा है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह अपनी जिम्मेदारी समझने में असफल रही है और आम आदमी पार्टी के सामने समर्पण कर चुकी है।
उन्होंने कहा कि पंजाब को मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता है और भाजपा ही लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है। जाखड़ ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार बनने पर सभी कार्य समय पर होंगे और नक्सलवाद की तरह गैंगस्टरवाद और नशे पर भी काबू पाया जाएगा।
सिद्धू मूसेवाला की सुरक्षा का मुद्दा
जाखड़ ने कहा कि जिन लोगों ने गायक सिद्धू मूसेवाला की सुरक्षा वापस ली और उसके प्रचार में शामिल हुए, वही आज दिलजीत दोसांझ की बातें कर रहे हैं।
