पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने AAP विधायक को बरी किया, 2013 के मामले में मिली राहत
हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला
चंडीगढ़: पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने 2013 में हुए छेड़छाड़ और हमले के मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा और उनके सात सहयोगियों को बरी कर दिया है।
न्यायमूर्ति त्रिभुवन दाहिया की पीठ ने दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया। अदालत ने तरन तारन की निचली अदालत द्वारा सितंबर 2025 में सुनाई गई चार साल की सजा को रद्द कर दिया और मार्च 2013 में दर्ज एफआईआर को भी खारिज कर दिया।
यह मामला 3 मार्च 2013 का है, जब अनुसूचित जाति से संबंधित एक महिला ने आरोप लगाया था कि मनजिंदर सिंह लालपुरा और अन्य ने उनके साथ मारपीट की थी। उस समय लालपुरा टैक्सी चालक के रूप में कार्यरत थे।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता और शिकायतकर्ता के बीच 4 फरवरी को आपसी समझौता हो चुका है, जिससे विवाद समाप्त हो गया। इसके अलावा, कोर्ट ने यह भी ध्यान में रखा कि आरोपियों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
अंततः, सभी आठ आरोपियों को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया। यह निर्णय विधायक लालपुरा के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
